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दर्दनाक: गोद में मासूम का शव, पीछे पांच अर्थियां... दीवार ढहने की घटना में किसी ने मां तो किसी ने खोई पत्नी

Sun, 10 Dec 2023 08:58 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 10 Dec 2023 08:58 AM IST
सार

मऊ में हल्दी की रस्म पूरी करने जा रही महिलाओं पर दीवार गिर गई। हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार को आठ हो गई। इनमें दो बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। हादसे को 24 घंटे बीतने के बाद भी शनिवार को घोसी कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा रहा।

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Wall collapses in Haldi ceremony in Mau Some lost their mother, some lost their wife
मऊ दीवार हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी कोतवाली इलाके के मदा समसपुर गांव में शुक्रवार को हल्दी रस्म के दौरान हुए हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार को आठ हो गई। इनमें दो बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार जिले के दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर किया गया। 
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एक बच्चे का शव गोद में लेकर जब उसे पिता अंतिम संस्कार के लिए लेकर निकले तो सभी की आखें नम हो गईं। वहीं, एक साथ पांच अर्थियां निकलते देख कस्बा वासी फफक पड़े। प्रदेश सरकार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों के परिजनों को पचास-पचास हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देगी। वहीं, नगर पंचायत प्रधानमंत्री आवास देने का कार्य करेगी।
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हादसे को 24 घंटे बीतने के बाद भी शनिवार को घोसी कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। दूसरे दिन भी हर किसी की जुबान पर दीवार ढहने की घटना के भयानक मंजर की चर्चा थी। पीड़ित परिवारों के साथ घोसी के चार मुहल्लों में दूसरे दिन भी घरों में चूल्हा नहीं जला। 
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लोग मातमपुर्सी के लिए पीड़ित परिवारों के घर पर मौजूद रहे। मृतकों के परिजनों को हर कोई ढांढस बंधाते दिखा। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद शवयात्रा निकाली और कस्बे में रोना-पीटना मच गया।
 

किसी ने मां तो किसी ने खोई पत्नी, किसी का छीन गया सहारा
मदा समसपुर की घटना ने कई परिवारों को वह आघात पहुंचाया है, जिसका दर्द आजीवन रहेगा। हादसे में नगर के रेलवे स्टेशन निवासी यशवंत चौरसिया की पत्नी चंद्रा देवी (35) की असमय मृत्यु के बाद अब परिवार में कोई महिला नहीं रही। परिवार के मुखिया पूर्णतया बेरोजगार यशवंत उर्फ झाबर चौरसिया के सामने दो मानसिक रूप से अस्वस्थ गूंगे भाइयों के साथ बच्चों की परवरिश की समस्या खड़ी हो गई है।
 

इसी मोहल्ले के सत्यवान मौर्य के ढाई साल के पुत्र माधो की मृत्यु होने के साथ पत्नी विद्या देवी एवं बड़ा पुत्र हरिओम 8 वर्ष प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। कस्बा नगर के स्टेशन के पीछे रहने वाले सुखदेव गोंड़ जो ठेला लगाकर जीवकोपार्जन करता है, उनकी भी पत्नी मीरा देवी (35) की भी हादसे में मौत के बाद इनके सामने पुत्र रवि और पुत्री गायत्री की देखभाल की समस्या आ गई है।

इसी मोहल्ले के सत्यवान मौर्य के ढाई साल के पुत्र माधो की मृत्यु होने के साथ पत्नी विद्या देवी एवं बड़ा पुत्र हरिओम 8 वर्ष प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है।

कस्बा नगर के स्टेशन के पीछे रहने वाले सुखदेव गोंड़ जो ठेला लगाकर जीवकोपार्जन करता है, उनकी भी पत्नी मीरा देवी (35) की भी हादसे में मौत के बाद इनके सामने पुत्र रवि और पुत्री गायत्री की देखभाल की समस्या आ गई है।
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