फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Vacant post of Anganwadi and helpers, obstacle in the way of nutrition

आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का खाली पद, पोषण की राह में बाधा

Sat, 09 Oct 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
Vacant post of Anganwadi and helpers, obstacle in the way of nutrition
मऊ। कुपोषित बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्वस्थ रखने की शासन की मंशा परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। इसमें कर्मचारियों के रवैये और उनके खाली पद बाधा बनकर सामने आ रहे हैं। जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पद 2587 तथा 2362 सहायिकाओं के पद हैं। जबकि इनके सापेक्ष 225 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 510 सहायिकाओं के पद पिछले काफी समय से खाली चल रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या सितंबर माह तक 4,939 है। जबकि कुपोषित बच्चों की कुल संख्या 27,872 है। इन्हें स्वस्थ रखने का जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की है। लेकिन कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कमी रोड़ा बन रही है। जिले में कुल 2587 आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की नियुक्ति की गई है। लेकिन 225 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 510 सहायिकाओं के पद काफी समय से रिक्त हैं।
विज्ञापन

कोपागंज ब्लाक क्षेत्र में 12 आंगनबाड़ी और 28 सहायिकाओं के पद खाली है। घोसी में 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 27 सहायिका, मुहम्मदाबाद गोहना में 23 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 77 सहायिका, रानीपुर में 31 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 68 सहायिका, रतनपुरा में 25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 66 सहायिका, बड़रांव में छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 15 सहायिका का पद रिक्त है। जबकि परदहां ब्लाक क्षेत्र में 30 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 78 सहायिकाओं का पद रिक्त है। ऐसे में कुपोषित बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्वस्थ रखने की शासन की मंशा पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनआरसी केेंद्र नहीं पहुंच रहे कुपोषित बच्चे
मऊ। कुपोषण से निपटने के लिए शासन की तरफ से हर वर्ष लाखों रुपए खर्च कर कवायदें की जाती हैं। कुपोषित बच्चों को केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आरबीएसके टीम की है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कमी के कारण कुपोषित बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि जिले में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 4,939 है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed