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दो को सात वर्ष की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 06 Jun 2015 11:46 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल ने हत्या के प्रयास मामले में दो दोषियों को सात वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार चिस्ती पट्टी गांव निवासी सूर्यभान चौहान पुत्र रामेश्वर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें नाजोपट्टी खैराबाद निवासी मेराज व सोहराब पुत्रगण बहाल को आरोपी बनाया गया। वादी का आरोप था कि उसके भतीजे अशोक कुमार और श्यामू चौहान की दूकान चिस्टी पट्टी के पास है।
दूकान से आरोपियों ने वादी का मोबाइल और तीन हजार रुपये चुरा लिया था। जिसकी सूचना कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना में दी गई थी। इसी को लेकर 22 जुलाई 2009 को आरोपियों ने दूकान पर आकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे अशोक की गर्दन कट गई जबकि श्यामू गंभीर रूप से घायल हो गया।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजीसी रामहरि चौहान व दयाशंकर राय ने कुल दस गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनो पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपियों मेराज और सोहराब को दोषी पाते हुए हत्या के प्रयास में सात वर्ष की सजा सुनाई।
वहीं गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में मेराज को आयुध अधिनियम में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया।
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मामले के अनुसार चिस्ती पट्टी गांव निवासी सूर्यभान चौहान पुत्र रामेश्वर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें नाजोपट्टी खैराबाद निवासी मेराज व सोहराब पुत्रगण बहाल को आरोपी बनाया गया। वादी का आरोप था कि उसके भतीजे अशोक कुमार और श्यामू चौहान की दूकान चिस्टी पट्टी के पास है।
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दूकान से आरोपियों ने वादी का मोबाइल और तीन हजार रुपये चुरा लिया था। जिसकी सूचना कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना में दी गई थी। इसी को लेकर 22 जुलाई 2009 को आरोपियों ने दूकान पर आकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे अशोक की गर्दन कट गई जबकि श्यामू गंभीर रूप से घायल हो गया।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजीसी रामहरि चौहान व दयाशंकर राय ने कुल दस गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनो पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपियों मेराज और सोहराब को दोषी पाते हुए हत्या के प्रयास में सात वर्ष की सजा सुनाई।
वहीं गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में मेराज को आयुध अधिनियम में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया।