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Mau News: कोर्ट में झूठा साक्ष्य पेश करने वाले उपनिरीक्षक सहित दो तलब
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कोर्ट में झूठा साक्ष्य पेश करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने मंगलवार को विवेचक उपनिरीक्षक राजेश कुमार प्रभाकर और वादी मुकदमा जयप्रकाश सिंह को धारा 193 भादवि के तहत विचारण के लिए तलब करते हुए समन जारी करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने ये फैसला मुख्तार अंसारी गिरोह के सक्रिय सदस्यों द्वारा लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के ठेकेदारों को टेंडर डालने से रोकने और धन उगाही के मामले में सुनवाई के बाद सुनाया है।
अगली सुनवाई के लिए 7 मार्च को तिथि निर्धारित की गई है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के भीटी मुहल्ला निवासी जयप्रकाश सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
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इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह, कटरा बढुआ गोदाम निवासी राजीव कुमार सिंह, शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह और निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी अशोक राय को नामजद किया गया था।
इनपर ठेकेदारों को धमकी देकर टेंडर डालने की स्थिति में जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। सीजेएम ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी संतोष कुमार सिंह, अनूप कुमार सिंह, अशोक राय और राजीव कुमार सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था।
साथ ही मामले में विवेचना के दौरान की गई लापरवाही पर विवेचक उपनिरीक्षक राजेश कुमार प्रभाकर और वादी मुकदमा जयप्रकाश सिंह के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर दोनों को नोटिस जारी की गई थी लेकिन वो न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने वादी मुकदमा और विवेचक द्वारा न्यायालय में झूठा साक्ष्य पेश करने और न्यायालय के समय का दुरुपयोग करने के मामले में विचारण के लिए तलब कर समन जारी करने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने ये फैसला मुख्तार अंसारी गिरोह के सक्रिय सदस्यों द्वारा लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के ठेकेदारों को टेंडर डालने से रोकने और धन उगाही के मामले में सुनवाई के बाद सुनाया है।
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अगली सुनवाई के लिए 7 मार्च को तिथि निर्धारित की गई है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के भीटी मुहल्ला निवासी जयप्रकाश सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
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इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह, कटरा बढुआ गोदाम निवासी राजीव कुमार सिंह, शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ला निवासी अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह और निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी अशोक राय को नामजद किया गया था।
इनपर ठेकेदारों को धमकी देकर टेंडर डालने की स्थिति में जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। सीजेएम ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी संतोष कुमार सिंह, अनूप कुमार सिंह, अशोक राय और राजीव कुमार सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था।
साथ ही मामले में विवेचना के दौरान की गई लापरवाही पर विवेचक उपनिरीक्षक राजेश कुमार प्रभाकर और वादी मुकदमा जयप्रकाश सिंह के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर दोनों को नोटिस जारी की गई थी लेकिन वो न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने वादी मुकदमा और विवेचक द्वारा न्यायालय में झूठा साक्ष्य पेश करने और न्यायालय के समय का दुरुपयोग करने के मामले में विचारण के लिए तलब कर समन जारी करने का आदेश दिया।