{"_id":"61fac3d5350559597a262f7c","slug":"two-cow-protection-centers-will-be-opened-in-every-block-mau-news-vns6366460132","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर ब्लाक में खोले जाएंगे दो-दो गो संरक्षण केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर ब्लाक में खोले जाएंगे दो-दो गो संरक्षण केंद्र
विज्ञापन
मऊ। किसानों को छुट्टा मवेशियों से निजात दिलाने के लिए जिले के हर ब्लाक में दो-दो गो संरक्षण केंद्र खोले जाएंगे। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद कवायद शुरू हो जाएगी। छुट्टा मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसानों को दिन-रात फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। इसके अलावा सड़कों पर मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी होती हैं। छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए गोशालाओं का निर्माण अलग-अलग स्थानों पर 26 गो आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया है। उसमें 3923 पशु रखे गए हैं। इसके बावजूद अभी भी कई इलाकों में समस्या बनी हुई है। किसानों द्वारा समस्या के समाधान की मांग की जा रही है।
जिला प्रशासन की तरफ से अब इस समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो गो संरक्षण केंद्र खोले जाने की योजना बनाई गई है। जमीन की उपलब्धता के अनुसार पशुओं की क्षमता का निर्धारण होगा। इस हिसाब से पूरे जिले में 18 गो संरक्षण केंद्र खोले जाएंगे। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के जिले के प्रत्येक ब्लाक में जमीनों को चिंहित करने की कवायद शुरू हो जाएगी। लेखपालों को गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराए जाने के उद्देश्य से चुनाव बाद भूमि की उपलब्धता का पता लगाने का निर्देश दिया गया हैं। प्रत्येक ब्लाक में गो आश्रय स्थल के बनने से किसानों को छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात मिल सकेगी।
सीडीओ रामसिंह वर्मा ने बताया कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण करने का प्रयास जारी है। चुुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रत्येक ब्लाक में दो-दो गो संरक्षण केंद्र खोला जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिशा निर्देश जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला प्रशासन की तरफ से अब इस समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो गो संरक्षण केंद्र खोले जाने की योजना बनाई गई है। जमीन की उपलब्धता के अनुसार पशुओं की क्षमता का निर्धारण होगा। इस हिसाब से पूरे जिले में 18 गो संरक्षण केंद्र खोले जाएंगे। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के जिले के प्रत्येक ब्लाक में जमीनों को चिंहित करने की कवायद शुरू हो जाएगी। लेखपालों को गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराए जाने के उद्देश्य से चुनाव बाद भूमि की उपलब्धता का पता लगाने का निर्देश दिया गया हैं। प्रत्येक ब्लाक में गो आश्रय स्थल के बनने से किसानों को छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात मिल सकेगी।
विज्ञापन
सीडीओ रामसिंह वर्मा ने बताया कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण करने का प्रयास जारी है। चुुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रत्येक ब्लाक में दो-दो गो संरक्षण केंद्र खोला जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिशा निर्देश जारी किया गया है।
विज्ञापन