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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Two auspicious times in May, due to Adhik Maas, the shehnai will not resonate for 35 days.

Mau News: मई में दो मुहूर्त, अधिकमास के कारण 35 दिन तक नहीं गूंजेगी शहनाई

Mon, 11 May 2026 01:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:13 AM IST
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Two auspicious times in May, due to Adhik Maas, the shehnai will not resonate for 35 days.
इस माह विवाह के केवल दो मुहूर्त 13 और 14 मई को हैं। इसके बाद अधिकमास लगने से लगभग 35 दिन तक विवाह के मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसके बाद 19 जून से 8 जुलाई के बीच सात दिन विवाह के मुहूर्त रहेंगे। फिर करीब चार माह तक 28 नवंबर तक विवाह के मुहूर्त नहीं रहेंगे।
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पंचांग के अनुसार, विक्रम संवत 2083 के ज्येष्ठ मास में 17 मई से अधिकमास या मलमास प्रारंभ होगा। इस माह को धर्म-कर्म के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन विवाह सहित मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर तीन वर्ष में अधिकमास आता है, लेकिन कौन-सा महीना अधिक होगा, यह गणना के आधार पर तय किया जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून को समाप्त होगा। ज्येष्ठ मास के मध्य में पुरुषोत्तम मास आएगा, जो 17 मई से 15 जून तक रहेगा.
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17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिकमास होने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसी तरह 16 जुलाई से 8 अगस्त तक गुरु का तारा अस्त रहने से विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। 25 जुलाई से 20 नवंबर तक हरि शयन काल होने से भी विवाह नहीं होंगे। इस प्रकार जून से दिसंबर तक कुल 10 दिन विवाह के मुहूर्त रहेंगे।
इस संबंध में मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल का कहना है कि हिंदू पंचांग में 12 महीने होते हैं, जिनका आधार चंद्रमा की गति होती है। सौर कैलेंडर में एक वर्ष 365 दिन और लगभग 6 घंटे का होता है, जबकि हिंदू पंचांग में चंद्र वर्ष 354 दिन का माना जाता है।
दोनों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है, जो तीन वर्षों में मिलकर लगभग एक माह बन जाता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीन वर्ष में एक अतिरिक्त चंद्र मास आता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि अधिकमास में विष्णु सहस्रनाम जप और भगवद् गीता का पाठ करना श्रेष्ठ माना गया है। इस अवधि में अनुष्ठान, उपवास और पूजा-पाठ से ईश्वरीय कृपा प्राप्त होती है, जबकि वैदिक परंपरा में इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।
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इस वर्ष विवाह के शेष मुहूर्त
मई: 13, 14
जून: 19, 22, 27, 28, 29
जुलाई: 07, 08
नवंबर: 24, 25, 29
दिसंबर: 02, 03, 09
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