मऊ। तेज हवा के साथ बुधवार की शाम हुई बारिश से जिले के विभिन्न इलाकों में काफी नुकसान पहुंचा है। मधुबन तहसील क्षेत्र में लगभग 100 से अधिक पेड़ों के गिरने से जहां आवागमन बाधित रहा। वहीं पोल, तारों के टूटने से विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने पेड़ों को काटकर हटाया तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। मधुबन/दुबारी: तहसील क्षेत्र के दुबारी ग्रामसभा एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में बुधवार की शाम को आई तेज आंधी ने व्यापक पैमाने पर तबाही मचाई। रात होने से नुकसान का अंदाजा सही से नहीं पता चल पाया लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो तबाही का मंजर सामने था। आंधी की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 100 से अधिक पेड़ गिरे पड़े थे। दर्जनों बिजली के खंभे एंव तार टूट कर जमीन पर आ गए। दुबारी परसिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। बृहस्पतिवार की सुबह स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग से पेड़ की डालियों को अलग कर आवागमन बहाल कराया। क्षेत्र के बीर बहादुर सिंह, रमेश यादव, हरिओम मौर्या, विनोद पाल, राकेश कुमार, मनोज गौड़, धर्मेंद्र गोस्वामी, नीरज मद्धेशिया ने बताया कि ऐसी विकराल आंधी पहली देखने में आई। हवा इतनी तेज थी कि कई दुकानों के टिनशेड हवा में उड़ गए। दुबारी :गोबरही के निकट गहरे स्थान पर बसे 28 कटान पीड़ितों की मड़इयां उड़ गईं। उनमें रखा हजारों मूल्य के गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। दुबारी ग्राम सभा ही नहीं बल्कि आसपास के नई बस्ती, टमठा, विग्रहपुर, पाल पूरा, लौआ साथ जैसे कई गांव के विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। हालांकि बृस्पतिवार को सुबह से ही विद्युतकर्मी फाल्ट को ठीक करने में जुटे रहे, मगर नुकसान इतना अधिक है कि शायद बिजली व्यवस्था को पटरी पर आने में कई दिन लग जाएं।

दुबारी में चक्रवात-आंधी बारिश के दौरान रास्ते में गिरा पेड़।संवाद- फोटो : MAU