{"_id":"60e343db8ebc3ebf2024777a","slug":"treatment-in-government-hospital-the-patient-is-obliged-to-get-the-investigation-done-mau-news-vns598846610","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपचार सरकारी अस्पताल में, जांच बाहर कराने को बाध्य है मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपचार सरकारी अस्पताल में, जांच बाहर कराने को बाध्य है मरीज
विज्ञापन
मऊ। जिले के महिला जिला अस्पताल में दो वर्षों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को दवा तो चिकित्सक लिख रहे हैं लेकिन जांच के लिए उन्हें बाहर निजी पैथालाजी का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे उनकी जेब ढीली हो रही है।
जिला-महिला अस्पताल में न तो इस सुविधा मुहैया कराई जा रही है न ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बने तीन सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट न होने के बाद भी जांच की सुविधा मिल रही है। दरअसल इन तीनों सीएचसी में टेली रेडियोलॉजी के सहारे जांच की सुविधा दी जा रही है।
जिला अस्पताल में सौ बेड हैं। यहां रोजाना करीब 100 महिला उपचार के लिए पहुंच रही है। इन मरीजों को इलाज की सुविधा तो मिल रही है लेकिन जैसे ही अल्ट्रासाउंड की जांच करानी की बात हो रही है तो मरीज को बाहर से जांच कराकर आने को कहा जा रहा है। दरअसल अस्पताल में मार्च 2020 से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में अस्पताल में आनी वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों द्वारा परामर्श के बाद बाहर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर होना पड़ता है। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट की सेवा काल खत्म होने के बाद अब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
शासन की ओर से रेडियोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए टेली रेडियोलॉजी की सुविधा का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है। इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में मिल रहा है लेकिन जिला अस्पताल में सुविधा न होने से दिक्कत हो रही है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंद्रा सिन्हा ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। वहां से दिशा निर्देश मिलते ही रेडियोलाजिस्ट की तैनाती कर दी जाएगी।
विज्ञापन
जिला-महिला अस्पताल में न तो इस सुविधा मुहैया कराई जा रही है न ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बने तीन सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट न होने के बाद भी जांच की सुविधा मिल रही है। दरअसल इन तीनों सीएचसी में टेली रेडियोलॉजी के सहारे जांच की सुविधा दी जा रही है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में सौ बेड हैं। यहां रोजाना करीब 100 महिला उपचार के लिए पहुंच रही है। इन मरीजों को इलाज की सुविधा तो मिल रही है लेकिन जैसे ही अल्ट्रासाउंड की जांच करानी की बात हो रही है तो मरीज को बाहर से जांच कराकर आने को कहा जा रहा है। दरअसल अस्पताल में मार्च 2020 से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में अस्पताल में आनी वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों द्वारा परामर्श के बाद बाहर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर होना पड़ता है। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट की सेवा काल खत्म होने के बाद अब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
शासन की ओर से रेडियोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए टेली रेडियोलॉजी की सुविधा का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है। इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में मिल रहा है लेकिन जिला अस्पताल में सुविधा न होने से दिक्कत हो रही है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंद्रा सिन्हा ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। वहां से दिशा निर्देश मिलते ही रेडियोलाजिस्ट की तैनाती कर दी जाएगी।