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Mau News: हत्या के प्रयास के मामले में तीन वर्ष का सश्रम कारावास
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने बलवा और हत्या के प्रयास के मामले में नामजद आरोपी को सुनवाई के बाद दोषी पाया। उसे तीन वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2011 में पुलिस ने बलवा और हत्या के प्रयास के मामले में बलिया जनपद के फेफना थाना क्षेत्र के औधी पियरिया गांव निवासी विजयी उर्फ विजय रावत पुत्र हीरा रावत के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी नंदलाल राम ने पैरवी की। इस दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जुर्म स्वीकृति के आधार पर एडीजे ने आरोपी विजयी उर्फ विजय रावत को दोषी पाया। उसे हत्या के प्रयास में तीन वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ 5 हजार रुपए अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, बलवा और विधि विरुद्ध जमाव के मामले में क्रमशः एक- एक वर्ष की सजा के साथ ही एक -एक हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2011 में पुलिस ने बलवा और हत्या के प्रयास के मामले में बलिया जनपद के फेफना थाना क्षेत्र के औधी पियरिया गांव निवासी विजयी उर्फ विजय रावत पुत्र हीरा रावत के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी नंदलाल राम ने पैरवी की। इस दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जुर्म स्वीकृति के आधार पर एडीजे ने आरोपी विजयी उर्फ विजय रावत को दोषी पाया। उसे हत्या के प्रयास में तीन वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ 5 हजार रुपए अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, बलवा और विधि विरुद्ध जमाव के मामले में क्रमशः एक- एक वर्ष की सजा के साथ ही एक -एक हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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