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फार्मासिस्ट समेत तीन की कोरोना से मौत
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कोपागंज। जिले में कोरोना संक्रमण जानलेवा साबित होने लगा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट और एल-1 अस्पताल में इलाज करा रहे दो मरीजों की कोरोना से मौत हो गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट की तबीयत बिगड़ने पर उनके परिजन अस्पताल लेकर आए थे। जांच करने पर फार्मासिस्ट संक्रमित मिले, साथ ही उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं कोपागंज स्थित एल-1 अस्पताल में इलाज करा रहे सूरपुर निवासी 50 वर्षीय अधेड़ तथा 52 वर्षीय महिला की मंगलवार की दोपहर मौत हो गई। एल-1 के नोडल अधिकारी व कोपागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुरुष मरीज बीते 26 अप्रैल को एल-1 में भर्ती कराया गया था। जहां सोमवार की देर रात ही मरीज की मौत हो गई थी। वहीं मऊ शहर की रहने वाली 52 वर्षीय महिला 26 अप्रैल को संक्रमित होने पर इलाज के लिए भर्ती हुई थी। जहां उसकी भी सोमवार की रात हो गई। दोनों शवों को मेडिकल टीम के देखरेख में परिजनों को सुपर्द कर दिया गया।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी को अस्पताल प्रबंधन की ओर से पीपीई किट नहीं उपलब्ध नहीं कराई गई थी। वहीं मंगलवार को अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट की मौत के बाद आननफानन में इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट दी गई।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट की तबीयत बिगड़ने पर उनके परिजन अस्पताल लेकर आए थे। जांच करने पर फार्मासिस्ट संक्रमित मिले, साथ ही उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं कोपागंज स्थित एल-1 अस्पताल में इलाज करा रहे सूरपुर निवासी 50 वर्षीय अधेड़ तथा 52 वर्षीय महिला की मंगलवार की दोपहर मौत हो गई। एल-1 के नोडल अधिकारी व कोपागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुरुष मरीज बीते 26 अप्रैल को एल-1 में भर्ती कराया गया था। जहां सोमवार की देर रात ही मरीज की मौत हो गई थी। वहीं मऊ शहर की रहने वाली 52 वर्षीय महिला 26 अप्रैल को संक्रमित होने पर इलाज के लिए भर्ती हुई थी। जहां उसकी भी सोमवार की रात हो गई। दोनों शवों को मेडिकल टीम के देखरेख में परिजनों को सुपर्द कर दिया गया।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी को अस्पताल प्रबंधन की ओर से पीपीई किट नहीं उपलब्ध नहीं कराई गई थी। वहीं मंगलवार को अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट की मौत के बाद आननफानन में इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट दी गई।
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