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Mau News: मानिकपुर गोशाला में तीन पशुओं की मौत, लापरवाही का आरोप
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घोसी तहसील क्षेत्र के मानिकपुर जमीन हाजीपुर गांव स्थित अस्थायी गोशाला में बुधवार को तीन गोवंशों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृत पशु खुले में पड़े सड़ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला के केयरटेकर रामप्यारे प्रजापति से पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला और गुमराह करने का प्रयास किया गया।
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सूचना पर खंड विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी लाल श्रीवास्तव को कार्रवाई के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को ग्राम सचिव की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से मृत पशुओं को गड्ढा खोदकर दफन किया गया।
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ग्रामीण रंगनाथ यादव और रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि गोशाला में निर्धारित क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं। इससे उनके रख-रखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई पशुओं के कानों में पहचान चिह्न भी नहीं लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने पशु चिकित्सकों की नियमित निगरानी न होने और केयरटेकर द्वारा उचित देखभाल न किए जाने की शिकायत की। उनका कहना है कि पशुओं को पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध कराने के बजाय केवल सूखा भूसा दिया जाता है।
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इसकी सूचना मिलते ही खंड विकास अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
खंड विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी लाल श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम सचिव को मौके पर भेजकर तीन छोटे मृत पशुओं को दफन कराया गया है।
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मृत पशु खुले में पड़े सड़ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला के केयरटेकर रामप्यारे प्रजापति से पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला और गुमराह करने का प्रयास किया गया।
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उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सूचना पर खंड विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी लाल श्रीवास्तव को कार्रवाई के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को ग्राम सचिव की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से मृत पशुओं को गड्ढा खोदकर दफन किया गया।
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ग्रामीण रंगनाथ यादव और रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि गोशाला में निर्धारित क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं। इससे उनके रख-रखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई पशुओं के कानों में पहचान चिह्न भी नहीं लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने पशु चिकित्सकों की नियमित निगरानी न होने और केयरटेकर द्वारा उचित देखभाल न किए जाने की शिकायत की। उनका कहना है कि पशुओं को पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध कराने के बजाय केवल सूखा भूसा दिया जाता है।
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इसकी सूचना मिलते ही खंड विकास अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
खंड विकास अधिकारी कृष्ण मुरारी लाल श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम सचिव को मौके पर भेजकर तीन छोटे मृत पशुओं को दफन कराया गया है।