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मर गई मानवता: 50 मीटर पर खड़ी थीं तीन एंबुलेंस, रेबीज के संक्रमण से तड़प- तड़पकर मासूम की हुई मौत
Wed, 10 Dec 2025 11:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 11:09 AM IST
सार
Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां जिला अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर के बाद एंबुलेंस न मिलने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।
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मासूम की फाइल फोटो व रोती- बिलखती मां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मऊ में जिला अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर के बाद डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिलने से मंगलवार की शाम जीउत (12) की तड़पकर मौत हो गई। मां शीला ने बताया कि परिसर में महज 50 मीटर की दूरी पर तीन एंबुलेंस खड़ी थीं।
क्या है मामला
घोसी कोतवाली क्षेत्र के लखनी मुबारकपुर निवासी हरेंद्र मुसहर और शीला अपने बेटे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने जीउत के अंदर रेबीज का संक्रमण होने की पुष्टि की। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया, जहां उसकी बीमारी कुछ हद तक सुधर सकती थी।
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पिता और मां शीला ने लगातार एंबुलेंस की हेल्पलाइन नंबर 108 पर फोन करके मदद मांगी। वहीं इस दौरान अस्पताल की इमरजेंसी के सामने चंद कदम दूरी पर कई एंबुलेंस खड़ी रहीं, लेकिन डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंच सकी और जीउत की तड़प- तड़पकर मौत हो गई।
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क्या है मामला
घोसी कोतवाली क्षेत्र के लखनी मुबारकपुर निवासी हरेंद्र मुसहर और शीला अपने बेटे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने जीउत के अंदर रेबीज का संक्रमण होने की पुष्टि की। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया, जहां उसकी बीमारी कुछ हद तक सुधर सकती थी।
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पिता और मां शीला ने लगातार एंबुलेंस की हेल्पलाइन नंबर 108 पर फोन करके मदद मांगी। वहीं इस दौरान अस्पताल की इमरजेंसी के सामने चंद कदम दूरी पर कई एंबुलेंस खड़ी रहीं, लेकिन डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंच सकी और जीउत की तड़प- तड़पकर मौत हो गई।