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संत शिरोमणि रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक

Wed, 16 Feb 2022 10:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 10:23 PM IST
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Thoughts of Sant Shiromani Ravidas are relevant even today
ोपागंज स्थित कोपाकोहना गांव में संत रविदास जंयती पर निकली झांकी में शामिल लोग।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों मेें संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाया गया। संत रविदास मंदिरों पर हवन-पूजन किया गया। इसके बाद गोष्ठी, सभा का आयोजन कर संत रविदास के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया। कई इलाकों में झांकी निकाली गई। भक्तों ने तरह-तरह का करतब का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर के निजामुद्दीनपुरा, जेठमल पोखरा सहित जिले के विभिन्न रविदास मंदिरों पर हवन-पूजन किया गया। गोष्ठी के माध्यम से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। साथ ही उनके उच्च आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने समाज को समरसता, सहिष्णुता और भाईचारे का संदेश दिया। संत रविदास निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे। उनका मानना था कि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’। उन्होंने अपने तपोबल से इस युक्ति को चरितार्थ कर दिखाया। कोपागंज : क्षेत्र में विभिन्न इलाकों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। कोपा कोहना में संत शिरोमणि रविदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोपा कोहना स्थित रबिदास मंदिर झांकी निकाली गई। यह झांकी कस्बे के चौक भरतमिलाप, थाना होते हुए पुन: रविदास मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान भक्तों द्वारा तरह-तरह करतब का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संत शिरोमणि रविदास पूजन समारोह कमेटी के अध्यक्ष अभय कुमार ने कहा कि हमें अपने महापुरूषों की जयंती जरूर मनानी चाहिए, इससे उनकी यादें ताजा रहती हैं। कहा कि रविदास केवल एक समाज के नही अपितु सभी समाज के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थे। इस अवसर सोनू, संजय, आलोक, बुधिराम राजभर, शिव कुमार, धर्मेंद्र चौरसिया, रमेश प्रधान, देवेंद्र कुशवाहा, शर्मा, अभय तिवारी, पंकज तिवारी आदि मौजूद रहे। इंदारा : कोपागंज ब्लॉक क्षेत्र के महुआर बसगीतिया गांव में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संत रविदास के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान पूर्व प्रधान अच्छेलाल भारती, रामवृत्त, सूक्खू प्रसाद, अमरनाथ, निलेश कुमार भारती, जितेंद्र गोयल आदि शामिल रहे। अमिला : क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में संत शिरोमणि रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। क्षेत्र के बसावनपुर, अकटहवा, पांडेयकपुरा, सरया, गौरा सहित विभिन्न इलाकों से संत शिरोमणि की झांकी सजाकर डीजे व ढोल नगारो पर डांस करते जयकारा लगाते अमिला स्थित आंबेडकर चौक से अमिला नगर पंचायत भ्रमण कर कस्बा के पश्चिम तरफ स्थित संत के मंदिर पर जयंती पर्व धूमधाम श्रद्धालुओं ने मनाया साथ वक्ताओं ने संत के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। इस मौके पर संजय भारती, सुग्रीव, उमेश्वर चंद भारती, उदयभान भारती, रामबचन, सत्येंद्र, सुभाषचंद गुप्त मौजूद रहे। घोसी : कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को संत शिरोमणि रविदास जयंती धूमधाम से मनाया गया। घोसी नगर के बड़ागांव उत्तरी, सोमरीडीह, धरौली, कादीपुर, कस्बा मुस्किया, रघौली, माछिल जमीन माछ्िल सहित विभिन्न इलाकों में संत शिरोमणि रविदास के अनुयायियों ने उनका जयंती मनाते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज से चारसौ साल पूर्व आप ने अपनी विद्वता, ज्ञान से जो शिक्षाएं दी वह आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर डाक्टर रामविलास भारती, चंद्रशेखर, ओमप्रकाश रंजन, देवेंद्र कुमार, राजीव कुमार राजू, सागर कुमार, अखिलेश कुमार, रामप्रवेश भारती, गौतम कुमार, संजय कुमार आदि उपस्थित रहे। सूरजपुर : क्षेत्र के सूरजपुर, सरफोरा, रसूलपुर, बंधनपुर, मिश्रौली, मुहम्मदपुर हसनपुर, करौदीनरायनपुर सहित विभिन्न गांवों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाया गया। प्राथमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर, प्राथमिक विद्यालय सरफोरा, प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर, अंबिका दत्त प्राथमिक विद्यालय सूरजपुर सहित सभी शिक्षण संस्थाओं में संत रविदास जयंती मनाई गई। दुबारी : क्षेत्र के दुबारी, गजियापुर, अम्मा भेलऊर, मोलनापुर, टमठा, भठिया, शिवराजपुर, दल्लीपुर, गोबरही सहित विभिन्न इलाकों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। भक्तों ने झांकी निकाली। झांकी दुबारी से शुरू होकर दुबारी कालीचौरा से चलकर रविदास मंदिर डीहवार स्थान में जाकर सभा के रूप में सभा में तब्दील हो गया। दोहरीघाट : कस्बा सहित क्षेत्र के गोठा, तारनपुर, लामी, कोरौली, मादी, रेयाव, फरसरा, नई बाजार, पाउस, रामपुर, धनौली, गोधनी, रौदा भगवानपुर, पतनई, सियरही, पनइल, बुढावर सहित विभिन्न गांवों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई।
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