भीषण गर्मी और ऊमस में बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों का जीवन बेहाल कर दिया है। बिजली कब आएगी और कब तक रहेगी, कब चली जाएगी इसका कोई ठिकाना नहीं है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाह कार्य प्रणाली से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। किसान मजदूर बुनकर छात्र-छात्राएं सभी बिजली विभाग के दुर्व्यवस्था से परेशान नजर आ रहे हैं। एक तरफ भीषण गर्मी और ऊमस का मौसम चल रहा है। दिन में आसमान से बरसती आग, तपती हुई धरती परंतु राहत के लिए बिजली नदारद रात में भीषण गर्मी और ऊमस और मच्छरों की फौज का आक्रमण लोगों का जीवन दूभर कर रहा है। बिजली नदारद रहने से कृषि कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है। शहरी क्षेत्रों में लोग पानी के लिए तरस जा रहे हैं। बिजली की आंख मिचौली से लोग खून के आंसू रोने को विवश हैं। परीक्षा की तैयारियों के लिए छात्र-छात्राएं बिजली की अनुपलब्धता के चलते काफी परेशान हैं। बुनकरों की भी परेशानी बिजली के अनियमित आपूर्ति से चरम पर है। समाज का हर वर्ग बिजली की आंख मिचौली से विभागीय कार्य प्रणाली को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के जिले में बिजली की आंख मिचौली से हर तरफ लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। इस संबंध में सुरेश सिंह, मुमताज अंसारी, वसीर अहमद, राम अवध यादव, परमा यादव, सुभाष राजभर, मोहन कुमार गुप्ता, विजय शंकर, श्रवण कुमार मद्धेशिया, खुर्शीद अहमद अंसारी ,अजय कुमार गुप्ता, प्रेम कुमार गौड़, नंद कुमार विश्वकर्मा, अरुण कुमार गुप्ता, सहित समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने बिजली की अनियमित आपूर्ति पर द्वारा गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन से विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए अंविलंब प्रभावी कदम उठाए जाने की आवाज बुलंद की है।