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अरविंद की हत्या में बस्ती के युवकों की मिलीभगत तो नहीं!

Sat, 16 Jan 2021 10:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 10:47 PM IST
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There is no collusion of the youth of the township in Arvind murder
चिरैयाकोट। थाना क्षेत्र के असलपुर गांव निवासी दलित युवक अरविंद की हत्या में उसके दोस्तों की हत्यारों से मिलीभगत तो नहीं है। अरविंद घटना के दिन दौड़ने के लिए नहीं जाना चाहता था। लेकिन बस्ती के ही दो युवक उसे जबरदस्ती प्रेरित कर ले गए थे। ऐसे ही सवाल दलित बस्ती की महिलाओं की ओर से उठाए जा रहे हैं।
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दलित बस्ती की निवासी मृतक की चाची का कहना है कि अरविंद रोजाना दूसरे रास्ते पर दौड़ने जाता था। घटना के दिन भी वह दौड़ने नहीं जाहता था। बस्ती के ही दो युवक उसे जबरदस्ती उस सड़क पर ले गए जहां पहले से ही घात लगाए बदमाशों ने गोली मारकर अरविंद को मार डाला। दलित बस्ती की सुभावती नामक महिला का आरोप था कि जिस सड़क पर उसकी हत्या हुई उस सड़क से अलग सड़क पर वह दौड़ने जाता था। हत्या वाले दिन देर शाम और ठंड की वजह से इनकार कर रहा था। लेकिन दलित बस्ती के ही दो युवक घटना के दिन अरविंद को जबरदस्ती पिच सड़क पर ले गए और कुछ ही देर बाद उसकी हत्या बदमाशों ने कर दिया।
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सुभावती सहित दलित बस्ती की कई महिलाओं का आरोप था कि अरविंद को जबरदस्ती पिच सड़क पर ले जाने वाले युवकों की हत्यारों से सांठगांठ है। महिलाओं का आरोप था कि उसको साथ ले जाने वाले युवकों ने मुखबिरी करके हत्यारों तक अरविंद को पहुंचाया। इस बाबत एसओ रुपेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी पूछताछ चल रही है। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा जल्द हो जाएगा। घटना के पांचवें दिन शनिवार को भी पीएसी के जवानो की तैनाती दलित बस्ती में लगी हुई थी। सीओ नंदलाल और थानाध्यक्ष रूपेश सिंह ने सिपाहियों के साथ असलपुर गांव का जायजा लिया।
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पांचवें दिन भी पुलिस छावनी में तब्दिल रहा असलपुर
मऊ। चिरैयाकोट थाने के असलपुर गांव में बीते मंगलवार को हुई दलित युवक की हत्या की घटना के पांचवे दिन भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। हालांकि एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया है। लेकिन पुलिस नामजद और पचास हजार के ईनामी बदमाश का सुराग लगाने में कामयाब नहीं रही। दूसरी तरफ घटना के तुरंत बाद बदले की भावना से दलितों द्वारा गांव में घुसकर दूसरे जाति के लोगों पर किए गए हमले से उपजा तनाव पांचवें दिन भी कायम रहा। इसके चलते गांव अभी भी पुलिस छावनी में तब्दिल है। भारी फोर्स गांव में रुककर तनाव समाप्त करने का प्रयास कर रही। इस दौरान पुलिस दोनों पक्षों से बात कर रही।
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