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Mau News: पुराने स्टेट हाईवे पर रोज लग रहा 7 किलोमीटर तक जाम, अब तक अधर में फोरलेन का प्रस्ताव

Sun, 29 Jun 2025 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:34 PM IST
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There is a daily jam of 7 kilometers on the old state highway, the proposal for four lanes is still in limbo
जिले के औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर से कोपागंज जाने वाला पुराने स्टेट हाईवे 10 लाख की आबादी के लिए मुसीबत बना है। मऊ शहर के बीच होने से हाईवे पर दिनभर वाहनों का दबाव रहता है। बलिया मोड़ से डुमराव मोड़ तक लगभग 7 किमी तक रोजाना जाम लगा रहता है।
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इसी रास्ते पर जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, दिवानी न्यायालय, सदर तहसील, अफसर कॉलोनी है। बीते चार साल में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की ओर से फोरलेन बनाने के लिए 3 बार प्रस्ताव भेजा चुका है, लेकिन शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल रही है।
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17.6 किमी पुराने स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाए जाने की मांग वर्ष 2018 से उठ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रांतीय खंड द्वारा 250 करोड़ रुपये का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में सड़क को 20 मीटर चौड़ा बनाने के लिए 234.29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन, ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र के पास से ही पुराने हाईवे को छोड़कर सलाहाबाद, मतलूपुर, सहरोज, काछीकला होते हुए भदसा मानोपुर के पास जाकर फिर पुरानी हाईवे पर मिलता है। लेकिन मऊ शहर आने के लिए यही मुख्य मार्ग है।
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जिले में 3.50 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। रोजाना जिले भर से लोग कलेक्ट्रेट, दिवानी न्यायालय, विकास भवन, सदर तहसील और इलाज के लिए जिला अस्पताल जाते हैं। सुबह नौ बजे के बाद से वाहनों का दबाव बढ़ने से तमसा पुल, भीटी चौराहा, फातिमा तिराहा, गाजीपुर तिराहा से डुमराव मोड़ तक वाहनों की कतार लग जाती है। सबसे अधिक समस्या गाजीपुर तिराहा से कचहरी मोड़ तक होती है।

एक किमी दूरी तय करने में 15 मिनट का समय लग जाता है। सड़क दुर्घटना में घायलों को जिला अस्पताल लेकर जाने वाले एंबुलेंस जाम में फंस जाते हैं। जिसके चलते घायल को इलाज मिलने में देरी हो जाती है।
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