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Mau News: आंधी से उड़ी खेतों में काटकर छोड़ी गई गेहूं की फसल
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मऊ। बेमौसम बारिश होने के तीन दिन बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव होने से किसान परेशान हैं। रविवार को सुबह लगभग नौ बजे आंधी आने से खेताें में पहले से काटकर छोड़ी गई गेहूं की फसल उड़ गई। तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। कई गांवो में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कृषि वैज्ञानिक दो दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना जता रहे हैं।
रविवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। सुबह लगभग नौ बजे धूल भरी आंधी चलने से खेतों में काटकर छोड़ी गई गेहूं फसल इधर उधर बिखर गई। लगभग 30 मिनट तक कटाई कार्य प्रभावित रहा। इसके चलते सुबह 11 बजे के बजाय सुबह नौ बजे ही कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। रविवार को तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 63 प्रतिशत रही। जबकि 14 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थीं। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
गत बृहस्पतिवार को हुई बेमौसम बारिश होने से जिले में 15 से 20 प्रतिशत गेहूं की फसल का नुकसान हुआ था। बारिश होने के बाद किसान अपनी गेहूं की फसल को सूखाकर मंड़ाई कराना शुरू ही किए थे कि रविवार को मौसम में हुए बदलाव से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही थी। वातावरण में नमी होने से मौसम खुशनुमा रहा। किसान अपनी फसल को घर पहुंचाने में लगे रहे। किसानों का कहना था कि हवा के साथ बरसात होती है तो आम और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।तेज हवा से फसल गिर सकती हैं।
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इससे बालियां टूट सकती हैं। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि दो दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना है। हवा के साथ बरसात होती है तो अनाज पानी से फूल जाएंगे। उत्पादकता प्रभावित होगी। आम के टिकोरे भी गिर रहे हैं।
मधुबन: रविवार को मौसम में आए बदलाव से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। सुबह आंधी आने के चलते बाइक चालकों को धूल के गुबार से जूझना पड़ा। पेड़ों की पत्ते सड़कों पर बिखर गए। आकाश में बादल छाने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मौसम के मिजाज को देखकर किसान अपनी फसल को घर पहुंचाने में लगे रहे।
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मऊ में रविवार आंधी आई जिससे खेतों में काटकर रखी गई गेहूं फसल उड़ गई। कछ क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी ठप रही। तापमान दो डिग्री कम हो गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री थी तो रविवार को 31 डिग्री हो गया।
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रविवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। सुबह लगभग नौ बजे धूल भरी आंधी चलने से खेतों में काटकर छोड़ी गई गेहूं फसल इधर उधर बिखर गई। लगभग 30 मिनट तक कटाई कार्य प्रभावित रहा। इसके चलते सुबह 11 बजे के बजाय सुबह नौ बजे ही कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। रविवार को तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 63 प्रतिशत रही। जबकि 14 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थीं। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
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गत बृहस्पतिवार को हुई बेमौसम बारिश होने से जिले में 15 से 20 प्रतिशत गेहूं की फसल का नुकसान हुआ था। बारिश होने के बाद किसान अपनी गेहूं की फसल को सूखाकर मंड़ाई कराना शुरू ही किए थे कि रविवार को मौसम में हुए बदलाव से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही थी। वातावरण में नमी होने से मौसम खुशनुमा रहा। किसान अपनी फसल को घर पहुंचाने में लगे रहे। किसानों का कहना था कि हवा के साथ बरसात होती है तो आम और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।तेज हवा से फसल गिर सकती हैं।
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इससे बालियां टूट सकती हैं। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि दो दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना है। हवा के साथ बरसात होती है तो अनाज पानी से फूल जाएंगे। उत्पादकता प्रभावित होगी। आम के टिकोरे भी गिर रहे हैं।
मधुबन: रविवार को मौसम में आए बदलाव से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। सुबह आंधी आने के चलते बाइक चालकों को धूल के गुबार से जूझना पड़ा। पेड़ों की पत्ते सड़कों पर बिखर गए। आकाश में बादल छाने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मौसम के मिजाज को देखकर किसान अपनी फसल को घर पहुंचाने में लगे रहे।
मऊ में रविवार आंधी आई जिससे खेतों में काटकर रखी गई गेहूं फसल उड़ गई। कछ क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी ठप रही। तापमान दो डिग्री कम हो गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री थी तो रविवार को 31 डिग्री हो गया।