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सिपाही को बनाया गया सर्विलांस प्रभारी
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मऊ। पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने विभाग के दो प्रकोष्ठों के प्रभारियों की तैनाती की है। घोसी कोतवाल के पद से हटाए गए केके गुप्ता को डीसीआरबी का प्रभारी बनाया गया है। 15 सितंबर को जारी अपने आदेश में पुलिस अधीक्षक ने घोसी के कोतवाल पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजे गए केके गुप्ता को डीसीआरबी का प्रभारी बनाया है, जबकि सर्विलांस सेल में पहले से कार्यरत आरक्षी विवेक सिंह को उसी शाखा का प्रभारी बनाया है।
वर्तमान समय में सर्विलांस जैसे अत्यंत अहम प्रकोष्ठ का प्रभारी एक आरक्षी को बनाए जाने पर विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों में खासा चर्चा है। जनपद में पुलिस महकमे में यह पहली बार हुआ है जब एक सिपाही को इस सेल का प्रभारी बनाया गया है। विभाग से जुड़े जानकार लोगों का मानना है कि प्रभारी बनाए गए आरक्षी विवेक सिंह में सर्विलांस के बारे में बेहतर प्रतिभा को देखते हुए ही एसपी ने इसकी कमान उसे सौंपी है। विभाग में जटिल से जटिल मामलों को सुलझाने में इन दिनों सर्विलांस पर निर्भरता काफी हद तक हो गई है। इसके निर्वहन का दायित्व एसपी ने एक सिपाही को सौंपकर एक नया प्रयोग किया है। विभागीय जानकारों का मानना है कि एसपी ने सिपाही की काबिलियत को सम्मान देते हुए ही इस अहम शाखा का प्रभारी बना दिया है। जानकारों का कहना है कि विवेक सिंह विभाग के आरक्षियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। विभाग में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और लगन से किया जाए तो ईनाम जरूर मिलता है। हालांकि महकमे में यह भी चर्चा है कि क्या सेल का प्रभारी होने के नाते सिपाही सेल में तैनात सब इंस्पेक्टरों अथवा इंस्पेक्टरों को निर्देश दे सकता है अथवा यह सेल केवल सिपाहियों के भरोसे ही चलेगी।
सर्विलांस सेल में पूर्व से तैनात चार सिपाहियों में से यह सबसे सीनियर हैं तथा तैनाती मात्र काम की योग्यता देखते हुए की गई है। - अविनाश पांडेय, पुलिस अधीक्षक, मऊ
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वर्तमान समय में सर्विलांस जैसे अत्यंत अहम प्रकोष्ठ का प्रभारी एक आरक्षी को बनाए जाने पर विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों में खासा चर्चा है। जनपद में पुलिस महकमे में यह पहली बार हुआ है जब एक सिपाही को इस सेल का प्रभारी बनाया गया है। विभाग से जुड़े जानकार लोगों का मानना है कि प्रभारी बनाए गए आरक्षी विवेक सिंह में सर्विलांस के बारे में बेहतर प्रतिभा को देखते हुए ही एसपी ने इसकी कमान उसे सौंपी है। विभाग में जटिल से जटिल मामलों को सुलझाने में इन दिनों सर्विलांस पर निर्भरता काफी हद तक हो गई है। इसके निर्वहन का दायित्व एसपी ने एक सिपाही को सौंपकर एक नया प्रयोग किया है। विभागीय जानकारों का मानना है कि एसपी ने सिपाही की काबिलियत को सम्मान देते हुए ही इस अहम शाखा का प्रभारी बना दिया है। जानकारों का कहना है कि विवेक सिंह विभाग के आरक्षियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। विभाग में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और लगन से किया जाए तो ईनाम जरूर मिलता है। हालांकि महकमे में यह भी चर्चा है कि क्या सेल का प्रभारी होने के नाते सिपाही सेल में तैनात सब इंस्पेक्टरों अथवा इंस्पेक्टरों को निर्देश दे सकता है अथवा यह सेल केवल सिपाहियों के भरोसे ही चलेगी।
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सर्विलांस सेल में पूर्व से तैनात चार सिपाहियों में से यह सबसे सीनियर हैं तथा तैनाती मात्र काम की योग्यता देखते हुए की गई है। - अविनाश पांडेय, पुलिस अधीक्षक, मऊ
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