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दूसरी किस्त के 4.5 लाख रोकेे

Thu, 17 Mar 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ Updated Thu, 17 Mar 2016 11:49 PM IST
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‌िशक्षा सत्र समाप्त होने के कगार पर है, लेकिन अभी तक माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों से  वितरित किए गए नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म का उपभोग प्रमाण पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को नहीं भेजा जा सका है। विद्यालयों की ओर से अनियमितता को  छिपाने के लिए उपभोग प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की जा रही है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक ने 30 सहायता प्राप्त विद्यालयों को भेजी जाने वाली दूसरी किश्त 4.50 लाख पर रोक लगाते हुए प्रधानाचार्यों को अंतिम किस्त जारी की है।  जिले में 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक  विद्यालय हैं। पहली से आठवीं तक के कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों को दो सेट नि:शुल्क यूनिफार्म वितरित किया जाता है।

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पहली किश्त में 300 रुपया प्रति बच्चा भेजा गया। जबकि दूसरी किश्त में 100 रुपया प्रति बच्चा दिया जाना था।  विभाग की ओर से 63 विद्यालयों मेेें अध्ययनरत लगभग 9466 बच्चों को  नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित कर दिया गया। विभाग की ओर से समस्त  विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से बच्चों को वितरित किए  गए समस्त अभिलेखों के साथ उपभोग प्रमाण पत्र मांगा  गया था। 

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सत्र बीतने को है लेकिन 30  विद्यालयों ने उपभोग प्रमाण पत्र विभाग को नहीं भेजा है।  सूत्रों की मानें तो विद्यालयों में ड्रेस वितरण में  अनियतमितता बरती गई है। ऐसे में उपभोग प्रमाण देने में हर रोज नया बहाना बनाकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।

 

विभाग की ओर से  बच्चों को वितरित किए गए ड्रेस  वितरण निर्धारित फार्मेट अभिलेखों के साथ उपभोग प्रमाण पत्र कई बाद जारी किया गया, लेकिन प्रधानाचार्यों ने  इसे गंभीरता से नहीं लिया। गत दिनों विभागीय समीक्षा बैठक में उपभोग प्रमाण पत्र न देने पर नाराजगी प्रकट की थी। डीएम ने  विद्यालयों को भेजने वाली दूसरी किश्त रोकने का निर्देश दिया है।
 

 

 जिसपर कार्रवाई करते हुए यह  कदम उठाया गया है।  उपभोग प्रमाण पत्र  अनिवार्य है।  जिलाधिकारी के आदेश को संज्ञान में लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने 30 विद्यालयों को भेजी जाने वाली 4.50 लाख रुपये रोकने का आदेश जारी कर दिया है । साथ ही संबंधित प्रधानाचार्यों के खिलाफ  नेटिस जारी की गयी है।


 

 

 माध्यमिक विद्यालयों के  नि:शुल्क ड्रेस वितरण के नोडल  अधिकारी तथा  जिला समन्वयक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव  का कहना है कि 30 माध्यमिक विद्यालयों का  उपभोग प्रमाण पत्र न मिलने के कारण इनकी  दूसरी किश्त का 4.50 लाख रुपये रोक   दिया गया है, और  प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजा गया है।

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