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Mau News: एफडीआर तकनीक से बनी सड़क दूसरी बारिश में ही उखड़ी
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जिले के रतनपुरा ब्लॉक को बलिया जिले से जोड़ने वाली नौ किलोमीटर लंबी सड़क दूसरी बारिश में उखड़ने लगी है। एफडीआर तकनीक से बनी इस सड़क का निर्माण करने वाले ठेकेदार ने पांच साल तक सड़क ठीक रहने की गारंटी दी है।
इस सड़क को बनाने पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह सड़क दूसरे साल में ही उखड़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भले ही सड़क को एफडीआर तकनीक से बनाया गया है लेकिन इसमें गुणवत्ता न का ध्यान नहीं दिया गया है।
जिले की यह सबसे दूसरी बड़ी सड़क है, जिसे एफडीआर तकनीक से तैयार किया गया है। रतनपुरा ब्लॉक के छिछोर, बड़ागांव, सेमराजपूर, भीमहर, अईलख के साथ बलिया जिले के बहराइच, नेवादा, रामा पट्टी सहित दोनों जिलों के 50 गांव को जोड़ती है।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़क को एफडीआर (फुल डेफ्ट रेक्लेमेशन) तकनीक से 6 अक्तूबर 2022 से इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया, जो कि 5 अक्तूबर 2023 को पूरा हुआ।
नौ किमी सड़क में 11.5 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च हुई। सड़क को बनाने के दौरान पांच साल तक खराब न होने का दावा किया गया था। लेकिन बीते तीन चार दिन की बारिश में सड़क खराब होने लगी है। वर्तमान में यह सड़क भीमहर के पास धंस गई है। इसको लेकर स्थानीय निवासी
गुलाबचंद बरनवाल, माध वेश पांडेय, शिवजी सिंह, राजेश यादव, बबलू यादव आदि ने बताया कि इस सड़क को बनाने के समय क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया है। इससे पहले भी सेमराजपुर के पास सड़क खराब हो गई थी, जब इसकी शिकायत की गई तो मरम्मत कर खामी को छुपाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में यह सड़क इस सीजन की दो तीन दिन की बारिश में धंस गई है।
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इस सड़क को बनाने पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह सड़क दूसरे साल में ही उखड़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भले ही सड़क को एफडीआर तकनीक से बनाया गया है लेकिन इसमें गुणवत्ता न का ध्यान नहीं दिया गया है।
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जिले की यह सबसे दूसरी बड़ी सड़क है, जिसे एफडीआर तकनीक से तैयार किया गया है। रतनपुरा ब्लॉक के छिछोर, बड़ागांव, सेमराजपूर, भीमहर, अईलख के साथ बलिया जिले के बहराइच, नेवादा, रामा पट्टी सहित दोनों जिलों के 50 गांव को जोड़ती है।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़क को एफडीआर (फुल डेफ्ट रेक्लेमेशन) तकनीक से 6 अक्तूबर 2022 से इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया, जो कि 5 अक्तूबर 2023 को पूरा हुआ।
नौ किमी सड़क में 11.5 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च हुई। सड़क को बनाने के दौरान पांच साल तक खराब न होने का दावा किया गया था। लेकिन बीते तीन चार दिन की बारिश में सड़क खराब होने लगी है। वर्तमान में यह सड़क भीमहर के पास धंस गई है। इसको लेकर स्थानीय निवासी
गुलाबचंद बरनवाल, माध वेश पांडेय, शिवजी सिंह, राजेश यादव, बबलू यादव आदि ने बताया कि इस सड़क को बनाने के समय क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया है। इससे पहले भी सेमराजपुर के पास सड़क खराब हो गई थी, जब इसकी शिकायत की गई तो मरम्मत कर खामी को छुपाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में यह सड़क इस सीजन की दो तीन दिन की बारिश में धंस गई है।