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Mau News: महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट 30 दिन छुट्टी पर, जिला चिकित्सालय में 3 दिन ही हो रही जांच

Thu, 25 Dec 2025 12:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 12:16 AM IST
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The radiologist at the women's hospital is on leave for 30 days, and the district hospital is conducting tests for only three days.
100-100 बेड की क्षमता वाले जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के चार पद हैं। जिला अस्पताल में दोनों पद रिक्त है। वर्तमान में एक संविदा चिकित्सक की तैनाती है। वह सप्ताह में केवल तीन दिन जांच करते हैं।
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वही महिला जिला अस्पताल में मात्र एक रेडियोलॉजिस्ट बीते एक माह से अवकाश पर हैं। यह स्थिति जिले के दोनों बड़े सरकारी अस्पतालों की है, ऐसे में जिला अस्पताल में मारपीट के मरीज को एक दिन का इंतजार के बाद मेडिकोलीगल की सुविधा मिल रही है।
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महिला अस्पताल में परामर्श के बाद मरीजों को महंगे दाम पर जांच कराने को मजबूर हो पड़ रहा है। बीते सितंबर माह में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी ने इस्तीफा देने के बाद यहां रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त चल रहा था।
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ऐमे में करीब दो माह यानी अक्तूबर तक रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से हर दिन 25 से 30 लोगों को मेडिकोलीगल कराने के लिए आजमगढ़ जाने को मजबूर हुए थे। उधर बीते नवंबर माह में आजमगढ़ के डाक्टर हिमांशू को संविदा पर यहा रेडियोलॉजिस्ट के पद पर जॉइन कराया गया।
वर्तमान में उनके द्वारा यहां केवल सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को मेडिकोलीगल किया जाता है। ऐसे में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मारपीट में घायल मरीज को एक एक दिन का इंतजार के बाद मेडिकोलीगल हो रहा है।
ऐसे में इन दिनों में आने वाले 20 से अधिक मरीजों को वापस लौटकर दूसरे दिन दुबारा आना पड़ रहा है। वहीं महिला जिला अस्पताल के डॉ. संजय एक माह के अवकाश पर चल रहे हैं।
ऐसे में इन दिनों महिला अस्पताल में पहुंचने वाले 150 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं जिनको अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। उन्हें डॉक्टर से उपचार के बाद वह बाहर जाकर निजी केंद्रों पर 600 से 700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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डॉक्टर के छोड़ने पर कोई विकल्प न होने पर सबसे ज्यादा होती है परेशानी
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के दो- दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन यह अब तक कभी पूरी तरह से भर नहीं सका है। ऐसे में अगर तैनात रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफा देने के बाद यहां विकट स्थिति हो जाती है। जिला अस्पताल में ही जिले के 12 थाना क्षेत्रों से मारपीट और सड़क हादसे या दूसरे अपराध से जुड़े मामलों के मरीजों का मेडिकोलीगल रेडियोलॉजिस्ट ही करता है। अब जब रेडियोलॉजिस्ट ने नौकरी छोड़ दी है तो यह जांच दूसरे उन जिलों में होती हैं, जहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होती है। बीते सितंबर से अक्तूबर तक 1500 से ज्यादा मरीजों को मेडिकोलीगल के आजमगढ़ भेजा गया था।

साल भर तक बंद रही जां
रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते इसका सबसे ज्यादा असर जिला अस्पताल में देखने को मिलता है। अप्रैल 2022 में डॉ. एनके सिंह के इस्तीफा देने के बाद यह एक साल तक जांच बंद थी। इसके बाद 27 मार्च 2023 को दूसरे रेडियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी ने जॉइन किया था लेकिन 45 दिन बाद चार्ज संभाला और सितंबर माह में इस्तीफा दे दिया।
क्या बोले जिम्मेदार...
महिला अस्पताल में दो के सापेक्ष एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। घर में वैवाहिक कार्यक्रम के चलते वह एक माह से अवकाश पर थे। दो या तीन दिन में वह कार्यभार संभाल लेंगे। - डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव


जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात चिकित्सक के बीते सितंबर माह में इस्तीफा देने के बाद संविदा पद पर रेडियोलाजिस्ट की तैनाती है। इनके द्वारा दूर होने के चलते सप्ताह में तीन दिन मेडिकोलीगल किया जाता है। -डॉ. धनज्जय कुमार
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