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मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का 54 माह से लंबित है भुगतान
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मऊ। मदरसा टीचर्स यूनियन एमटीयू इंडिया के तत्वावधान में मदरसा शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को संबोधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्रीय मदरसा आधुनिकीकरण योजना का लाभ मदरसों में पढ़ने वाले लाखों छात्र छात्राओं को मिला है। आज भी लाखों की तादाद में मदरसो में पढ़ने वाले बच्चे दीनी तालिमी के साथ दुनियावी तालीम हासिल कर रहे हैं। वर्ष1993 से संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना पर्याप्त बजट की व्यवस्था न होने के चलते योजना सही तरीके से संचालित नहीं हो सकी। 16 राज्यों में योजना का संचालन किया गया। 16 राज्यों की डिमांड राशि 300 करोड़ हैं और केंद्र के पास बजट 120 करोड़ था। प्रदेश और केंद्र आपस यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट में पूरा वर्ष निकाल देते और वर्ष के अंतिम में 31 मार्च से पहले दो महीने से चार महीने का वेतन राज्यों को देते थे। जिसका परिणाम यह हुआ कि केंद्र सरकार पर मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का लगभग 54 माह का भुगतान लंबित है। जिससे मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। ज्ञापन देने वालों में शमीम अनवर अंसारी, जुल्फेकार हैदर, सगीर अहमद, इश्तेयाक अहमद, अरशद जमाल आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्रीय मदरसा आधुनिकीकरण योजना का लाभ मदरसों में पढ़ने वाले लाखों छात्र छात्राओं को मिला है। आज भी लाखों की तादाद में मदरसो में पढ़ने वाले बच्चे दीनी तालिमी के साथ दुनियावी तालीम हासिल कर रहे हैं। वर्ष1993 से संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना पर्याप्त बजट की व्यवस्था न होने के चलते योजना सही तरीके से संचालित नहीं हो सकी। 16 राज्यों में योजना का संचालन किया गया। 16 राज्यों की डिमांड राशि 300 करोड़ हैं और केंद्र के पास बजट 120 करोड़ था। प्रदेश और केंद्र आपस यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट में पूरा वर्ष निकाल देते और वर्ष के अंतिम में 31 मार्च से पहले दो महीने से चार महीने का वेतन राज्यों को देते थे। जिसका परिणाम यह हुआ कि केंद्र सरकार पर मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का लगभग 54 माह का भुगतान लंबित है। जिससे मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। ज्ञापन देने वालों में शमीम अनवर अंसारी, जुल्फेकार हैदर, सगीर अहमद, इश्तेयाक अहमद, अरशद जमाल आदि शामिल रहे।
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