अति पिछड़ों को सामाजिक न्याय दिलाना ही मकसद
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कहा कि आजादी के बाद से भी उत्तर प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से पिछड़ेपन का शिकार है। पूर्व में भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत के आरक्षण को अलग कर एक सामाजिक न्याय समिति का गठन किया गया है।
जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि सामाजिक न्याय की तीन सदस्यीय समिति ने 79 पिछड़ी जातियों को तीन भागों में वर्गीकृत कर अपनी रिपोर्ट में एक कैटगरी में एक, बी कैटगरी में आठ एवं सी कैटगरी में 70 पिछड़ी जातियों को सम्मिलित किया था। इसी आधार पर राजनाथ सिंह की सरकार ने कैबिनेट में इस बिल को स्वीकृत दे दी लेकिन बाद की सपा सरकार ने समिति की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही पिछड़े एवं अतिपिछड़े के साथ ही अति दलितों की लड़ाई लड़ेगी। सपा औरज बसपा इन जातियों की घोर विरोधी हैं। कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा, बसपा की सरकारों से तंग आ चुकी है। प्रदेश का एक बड़ा तबका अति पिछड़ा वर्ग, किसान, मजदूर अपने हक एवं अधिकार से वंचित है। इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष विजयनरायन शर्मा, अमरनाथ दुबे, जिला महामंत्री राकेश मिश्र, आनंद प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष संतोष, अखिलेश, विजयप्रताप, बजरंगी सिंह बज्जू, राजेश सिंह आदि उपस्थित रहे।