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Mau News: मां की उम्र दस साल और दो भाइयों की जन्मतिथि में चार माह अंतर
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एसडीएम घोसी द्वारा घोसी ब्लॉक को जारी निर्देश की प्रति
जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन के शपथपत्र का कोई सत्यापन नहीं हो रहा है। घोसी तहसील के तीन गांवों के आवेदनों में ऐसी लापरवाही सामने आई है।
किसी परिवार के दो अलग- अलग भाइयों की उम्र में महज पांच महीने का अंतर था तो एक किशोरी का जन्मप्रमाण पत्र बनाने के लिए उसकी मां की उम्र दस साल अंकित कर एसडीएम कार्यालय भेजा गया था। ब्लॉक स्तर से ऐसे दस से ज्यादा आवेदनों में गड़बड़ी मिली है।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए एसडीएम घोसी अशोक कुमार सिंह ने जांच आख्या प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी व जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई व प्रकरण की पुनः जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम घोसी को जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए भेजा गया पहला आवेदन तहसील क्षेत्र के खत्रीपार गांव का था। आवेदन में गांव निवासी अशरफी पत्नी कपिलदेव के एक पुत्र सत्यम की जन्मतिथि एक जनवरी 2011 है तो दूसरे पुत्र श्यामसुंदर का जन्म दिन नौ अक्टूबर 2010 है।
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जिनके जन्म में मात्र चार माह का अंतर है। इसी तरह से सोमारीडीह गांव निवासी नजमा खातून के पुत्री अर्शी का जन्मदिन 15 अप्रैल 1991 उस समय उसकी मां नजमा की आयु मात्र दस वर्ष है।
आवेदन में नजमा की जन्मतिथि एक जनवरी 1981 है, जबकि इनके पुत्री उम्में सुलैम की जन्मतिथि दस मार्च 1993 दिखाई गई है। इसी तरह से तीसरा मामला आदमपुर गांव का पाया गया।
यहां निवासी रामाशीष यादव के पुत्र रोहित यादव की जन्मतिथि 22 जून 2014 है जबकि इनकी पुत्री मनीषा यादव की जन्मतिथि आठ सितंबर 2013 है। इतना ही नहीं इनकी दूसरी पुत्री संगीता यादव की जन्मतिथि पांच नवंबर 2015 है।
इस प्रकार से इनके बच्चों के जन्मदिन में मात्र आठ से नौ महीने का अंतर है। वहीं चौथा आवेदन धरौली गांव निवासी रजनी निषाद की पुत्री निर्जला निषाद का जन्मदिन तीन नवंबर 2009 है जबकि दूसरी पुत्री अमृता निषाद का जन्मदिन 10 जनवरी 2010 है।
पुत्र शिवजीत निषाद की जन्मतिथि 20 जून 2013 है। इस प्रकार से इनके बच्चों के जन्मदिन में मात्र दो माह का अंतर दिखाया गया है।
मामला संज्ञान में है। इस तरह की गंभीर त्रुटि को देखते हुए जांच आख्या प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी सहित संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध दंडनात्मक कार्रवाई करने हेतु खंड विकास अधिकारी घोसी को निर्देशित कर प्रकरण की दुबारा जांच कर संशोधित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया है। - अशोक कुमार सिंह, एसडीएम घोसी
हर महीने 100 से ज्यादा जन्म प्रमाणपत्र बनतें हैं तहसील से
जांच के दौरान बताया गया कि घोसी तहसील में हर माह कम से कम 100 से ज्यादा जन्म प्रमाणपत्र बनाया गया है। इसी तरह से सदर, मुहम्मदाबाद और मधुबन तहसील में जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। चौकाने वाली बात है कि घोसी एसडीएम द्वारा यह मामला पकड़ लिया गया, सूत्रों की माने तो इस प्रकरण के बाद एसडीएम कार्यालय में जन्म प्रमाणपत्र के आवेदनों की संख्या में काफी गिरावट आ गई है। लोगों की माने तो आवेदकों में अधिकांश द्वारा दूसरे की मदद से फार्म भरवाया जाता है। इस मामले में सचिव भी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।
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किसी परिवार के दो अलग- अलग भाइयों की उम्र में महज पांच महीने का अंतर था तो एक किशोरी का जन्मप्रमाण पत्र बनाने के लिए उसकी मां की उम्र दस साल अंकित कर एसडीएम कार्यालय भेजा गया था। ब्लॉक स्तर से ऐसे दस से ज्यादा आवेदनों में गड़बड़ी मिली है।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए एसडीएम घोसी अशोक कुमार सिंह ने जांच आख्या प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी व जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई व प्रकरण की पुनः जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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एसडीएम घोसी को जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए भेजा गया पहला आवेदन तहसील क्षेत्र के खत्रीपार गांव का था। आवेदन में गांव निवासी अशरफी पत्नी कपिलदेव के एक पुत्र सत्यम की जन्मतिथि एक जनवरी 2011 है तो दूसरे पुत्र श्यामसुंदर का जन्म दिन नौ अक्टूबर 2010 है।
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जिनके जन्म में मात्र चार माह का अंतर है। इसी तरह से सोमारीडीह गांव निवासी नजमा खातून के पुत्री अर्शी का जन्मदिन 15 अप्रैल 1991 उस समय उसकी मां नजमा की आयु मात्र दस वर्ष है।
आवेदन में नजमा की जन्मतिथि एक जनवरी 1981 है, जबकि इनके पुत्री उम्में सुलैम की जन्मतिथि दस मार्च 1993 दिखाई गई है। इसी तरह से तीसरा मामला आदमपुर गांव का पाया गया।
यहां निवासी रामाशीष यादव के पुत्र रोहित यादव की जन्मतिथि 22 जून 2014 है जबकि इनकी पुत्री मनीषा यादव की जन्मतिथि आठ सितंबर 2013 है। इतना ही नहीं इनकी दूसरी पुत्री संगीता यादव की जन्मतिथि पांच नवंबर 2015 है।
इस प्रकार से इनके बच्चों के जन्मदिन में मात्र आठ से नौ महीने का अंतर है। वहीं चौथा आवेदन धरौली गांव निवासी रजनी निषाद की पुत्री निर्जला निषाद का जन्मदिन तीन नवंबर 2009 है जबकि दूसरी पुत्री अमृता निषाद का जन्मदिन 10 जनवरी 2010 है।
पुत्र शिवजीत निषाद की जन्मतिथि 20 जून 2013 है। इस प्रकार से इनके बच्चों के जन्मदिन में मात्र दो माह का अंतर दिखाया गया है।
मामला संज्ञान में है। इस तरह की गंभीर त्रुटि को देखते हुए जांच आख्या प्रस्तुत करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी सहित संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध दंडनात्मक कार्रवाई करने हेतु खंड विकास अधिकारी घोसी को निर्देशित कर प्रकरण की दुबारा जांच कर संशोधित आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया है। - अशोक कुमार सिंह, एसडीएम घोसी
हर महीने 100 से ज्यादा जन्म प्रमाणपत्र बनतें हैं तहसील से
जांच के दौरान बताया गया कि घोसी तहसील में हर माह कम से कम 100 से ज्यादा जन्म प्रमाणपत्र बनाया गया है। इसी तरह से सदर, मुहम्मदाबाद और मधुबन तहसील में जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। चौकाने वाली बात है कि घोसी एसडीएम द्वारा यह मामला पकड़ लिया गया, सूत्रों की माने तो इस प्रकरण के बाद एसडीएम कार्यालय में जन्म प्रमाणपत्र के आवेदनों की संख्या में काफी गिरावट आ गई है। लोगों की माने तो आवेदकों में अधिकांश द्वारा दूसरे की मदद से फार्म भरवाया जाता है। इस मामले में सचिव भी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।