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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   The manager told the license holder responsible

लाइसेंस धारक ने प्रबंधक को बताया जिम्मेदार

Sat, 07 Jan 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Sat, 07 Jan 2017 11:34 PM IST
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परदहां मिल रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र पर जमा किए गए रुपये में हुई गड़बड़ी के मामले में दूसरे दिन भी बैंक की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरी तरफ केंद्र के संचालक आशीर्वाद गौतम ने बताया कि गड़बड़ी शाखा प्रबंधक के स्तर से की गई है। क्योंकि खाताधारकों का रुपया जमा तो है, लेकिन प्रबंधक के लॉक करने के कारण वह उपभोक्ताओं के खाते में हस्तांतरित नहीं किया गया। बताते चले इससे दस लोगों का करीब चार लाख रुपया फंसा है। दूसरी तरफ शाखा प्रबंधक नवीन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द की गड़बड़ी सामने आ जाएगी।
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  बताते चले गाजीपुर तिराहा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से परदहा मिल रोड पर ग्राहक सेवा केंद्र खोला गया है। इस केंद्र का लाइसेंस परदहां गांव निवासी आशीर्वाद गौतम के नाम से जारी है।  नोटबंदी के दौरान कुछ खाताधारकों ने सेवा केंद्र के जरिए अपने खाते में रुपया डाला। लेकिन धनराशि उनके खाते में नहीं पहुंची। इसका खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब किन्नूपुर गांव निवासी आशा देवी अपने खाते से रुपया निकालने के लिए पहुंची। इस दौरान उसे पता चला कि उसके खाते में रुपया जमा ही नहीं किया गया है।
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जानकारी होने पर खाताधारकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस संबंध में शनिवार को संपर्क करने पर ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक आशीर्वाद गौतम ने बताया कि उनके केंद्र पर करीब दस लोगों ने चार लाख रुपया अपने खाते में जमा किया। आशीर्वाद की माने तो केंद्र के नाम से बैंक एक खाता खोलता है। जिसमें ग्राहकों का रुपया जमा होता है, बाद में केंद्र रुपये को संबंधित  खाताधारक के खाते में ट्रांसफर करता है। आशीर्वाद की मांने तो उन्होंने जिस समय रुपया जमा किया, उसी समय प्रबंधक ने उनके खाते को सीज कर दिया। इसके चलते रुपया खाताधारकों के खाते में ट्रांसफर नहीं किया जा सका। खाता खोलने के लिए उनकी तरफ से प्रबंधक को कई बार कहा गया, इस दौरान प्रबंधक आज कल करते रहे। इस बीच 19 नवंबर को प्रबंधक ने उनके खाते में पचास हजार रुपया डालकर उसे दूसरे दिन निकाल लिया। इस बारे में उसने प्रबंधक से पूछा, लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। दूसरी तरफ संपर्क करने पर प्रबंधक नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जल्द ही हकीकत सामने आएगी। बोले केंद्र के खाते से कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया गया है।
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