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जिम्मेदारों की उदासीनता बनी महिला के बेसहारे की वजह
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मधुबन (मऊ)। जिले में शासन की मंशानुसार पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। इसके पीछे शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही एक मुख्य कारण है। ऐसा ही मामला सोमवार को नगर पंचायत मधुबन में वार्ड 13 के गुप्ता गली के मुहल्ला पुरतीगारा में देखने को मिल रहा है। जहां गरीब एक महिला मजदूर को पात्रता होने के बाद राजस्व अधिकारी द्वारा अपात्र बताकर उसका आवेदन खारिज कर दिया गया।
पुरतीगारा निवासी माया पत्नी राजेश ने बताया कि उसका पति राजेश मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। बताया कि वह पुराने जर्जर हो चुके घर में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके द्वारा आवास के लिए नगर पंचायत में आवेदन दिया गया था। लेकिन यहां नगर पंचायत के कर्मचारी ने उसे अपात्र बताते हुए उसका आवेदन खारिज कर दिया। आरोप लगाया कि वह बेहद गरीब होने के चलते बदहाल घर में रहने की बात नगर पंचायत के बड़े अधिकारियों को भी अवगत कराया। लेकिन उसकी बात किसी द्वारा नहीं सुनी गई।
बताया कि सोमवार को बारिश के बाद जर्जर घर का एक हिस्सा गिर गया। गिरे मलबे के चपेट में आने से वह और उसकी पुत्री गुड़िया घायल हो गई। मकान का एक हिस्सा गिरने के बाद महिला अपने परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को बाध्य है। इस मामले में मधुबन के ईओ मुकेश चौधरी ने बताया कि उनके संज्ञान में नहीं है, इस संबंध में मामले की जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी।
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पुरतीगारा निवासी माया पत्नी राजेश ने बताया कि उसका पति राजेश मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। बताया कि वह पुराने जर्जर हो चुके घर में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके द्वारा आवास के लिए नगर पंचायत में आवेदन दिया गया था। लेकिन यहां नगर पंचायत के कर्मचारी ने उसे अपात्र बताते हुए उसका आवेदन खारिज कर दिया। आरोप लगाया कि वह बेहद गरीब होने के चलते बदहाल घर में रहने की बात नगर पंचायत के बड़े अधिकारियों को भी अवगत कराया। लेकिन उसकी बात किसी द्वारा नहीं सुनी गई।
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बताया कि सोमवार को बारिश के बाद जर्जर घर का एक हिस्सा गिर गया। गिरे मलबे के चपेट में आने से वह और उसकी पुत्री गुड़िया घायल हो गई। मकान का एक हिस्सा गिरने के बाद महिला अपने परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को बाध्य है। इस मामले में मधुबन के ईओ मुकेश चौधरी ने बताया कि उनके संज्ञान में नहीं है, इस संबंध में मामले की जानकारी लेकर जांच करवाई जाएगी।
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