{"_id":"57d59cb14f1c1b3d3b31c64b","slug":"the-food-here-is-the-underdog","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलित के यहां किया भोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलित के यहां किया भोजन
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
दलित के घर राहुल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान यात्रा के दौरान मोहम्मदाबाद गोहना तहसील के बड़ागांव दलित बस्ती में स्वामीनाथ राम के घर चोखा-रोटी खाई। राहुल गांधी का आगमन उसके घर पर तीन बजे के बाद हुआ। घर में एक चारपाई पर स्वामीनाथ एवं उसकी पत्नी रुक्मणी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री गुुलाम नबी आजाद बैठे। जबकि राहुल गांधी एक प्लास्टिक की कुर्सी पर उनके सामने बैठे। चोखा और रोटी खाने के बाद राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद ने स्वामीनाथ से बातचीत की और लगभग 15 मिनट के बाद वहां से निकले।
इस दौरान राहुल गांधी ने स्वामीनाथ से पूछा कि सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल में किसमें अच्छी पढ़ाई होती है। स्वामीनाथ ने बताया कि प्राइवेट विद्यालय में ही अच्छी पढ़ाई होती है। राहुल ने इसके अलावा चिकित्सा व्यवस्था, राशन कार्ड से लेकर परिवार की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। स्वामीनाथ ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी बेबी की शादी हो चुकी है। दूसरे नंबर की बीना दसवीं पढ़ पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि ग्यारहवीं में दाखिला के लिए फीस का इंतजाम नहीं कर पाए।
तीसरे नंबर का पुत्र बब्बन कक्षा दसवीं का छात्र है। जबकि सबसे छोटी बेटी वंदना कक्षा आठवीं में पढ़ती है। स्वामीनाथ ने राहुल गांधी को बताया कि उसके पास मात्र तीन मंडा जमीन है, साथ ही 60 हजार रुपये का कर्ज है। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उससे कर्ज के बारे में भी पूछा। स्वामीनाथ ने बताया कि उसने खेती करने के लिए केसीसी के जरिए वर्ष 2014 में 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। जिसे वह अब तक भर नहीं पाया।
विज्ञापन
अब मय ब्याज के यह रकम 60 हजार रुपये हो गई है। स्वामीनाथ ने बताया कि माली हालत दुरुस्त न होने के कारण कर्ज नहीं चुकता कर पा रहा। हालांकि राहुल ने उसके कर्ज को भरने या न भरने का कोई आश्वासन नहीं दिया। फिर भी स्वामीनाथ के अंदर आस जगी है कि वह कर्ज मुक्त हो जाएगा।
विज्ञापन
इस दौरान राहुल गांधी ने स्वामीनाथ से पूछा कि सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल में किसमें अच्छी पढ़ाई होती है। स्वामीनाथ ने बताया कि प्राइवेट विद्यालय में ही अच्छी पढ़ाई होती है। राहुल ने इसके अलावा चिकित्सा व्यवस्था, राशन कार्ड से लेकर परिवार की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। स्वामीनाथ ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी बेबी की शादी हो चुकी है। दूसरे नंबर की बीना दसवीं पढ़ पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि ग्यारहवीं में दाखिला के लिए फीस का इंतजाम नहीं कर पाए।
विज्ञापन
तीसरे नंबर का पुत्र बब्बन कक्षा दसवीं का छात्र है। जबकि सबसे छोटी बेटी वंदना कक्षा आठवीं में पढ़ती है। स्वामीनाथ ने राहुल गांधी को बताया कि उसके पास मात्र तीन मंडा जमीन है, साथ ही 60 हजार रुपये का कर्ज है। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उससे कर्ज के बारे में भी पूछा। स्वामीनाथ ने बताया कि उसने खेती करने के लिए केसीसी के जरिए वर्ष 2014 में 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। जिसे वह अब तक भर नहीं पाया।
विज्ञापन
अब मय ब्याज के यह रकम 60 हजार रुपये हो गई है। स्वामीनाथ ने बताया कि माली हालत दुरुस्त न होने के कारण कर्ज नहीं चुकता कर पा रहा। हालांकि राहुल ने उसके कर्ज को भरने या न भरने का कोई आश्वासन नहीं दिया। फिर भी स्वामीनाथ के अंदर आस जगी है कि वह कर्ज मुक्त हो जाएगा।