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भवन बनने के बाद भी नहीं शुरू हो सकी डायलिसिस यूनिट
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जिला अस्पताल में बनी डायलिसिस यूनिट का काम पूरा हुए तीन माह से अधिक का समय बीत चुका है। बावजूद इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। कारण 12 माह में बनने वाला भवन जैसे तैसे दो वर्ष से अधिक समय में बन कर तैयार हुआ। लेकिन अब इसके संचालन के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसे में जिला अस्पताल में पहुंचने वाले किडनी के मरीज डायलिसिस कराने के लिए अब भी निजी अस्पतालों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। उधर, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि संक्रमण की समस्या कम होते ही इस यूनिट को शुरू करा दिया जाएगा।
जिला अस्पताल में दस बेड की डायलिसिस यूनिट बनाने का प्रस्ताव जुलाई 2018 में स्वीकृत हुआ था। काम स्वीकृत होने के बाद 23 लाख 22 हजार रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए पहले चरण में 7 लाख 65 हजार रुपये फरवरी 2019 में मुहैया कराया गया। मार्च माह तक केवल 30 फीसदी काम पूरा होने के बाद इसका निर्माण बंद कर दिया गया। बजट के अभाव में करीब एक वर्ष तक बंद रहा। इसको लेकर अमर उजाला 7 फरवरी 2021 में अधर में लटकी डायलिसिस यूनिट शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने आनन फानन में दूसरी किस्त में 15 लाख 57 हजार रुपये स्वीकर कर दिया गया। साथ ही इस राशि से 31 मार्च तक खर्च कर किसी भी हाल में भवन बनाने के साथ इसमें डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
विभागीय सूत्रों की माने तो कार्यदायी संस्थान ने निर्धारित तिथि से पूर्व ही डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य पूरा कर लिया। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा यूनिट को शुरू कराने के लिए इसमें आवश्यक उपकरण को लेकर लिखा पढ़ी की कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के चलते यह काम अधर में चला गया। ऐसे में किडनी के मरीजों को नि:शुल्क में मिलने वाली सुविधा अभी ओर समय के लिए खिंच गई। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार कुमार का कहना है कि डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य पूरा हो चुका है, उपकरण इंस्ट्राल करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द ही यूनिट शुरू हो जाएगा।
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जिला अस्पताल में दस बेड की डायलिसिस यूनिट बनाने का प्रस्ताव जुलाई 2018 में स्वीकृत हुआ था। काम स्वीकृत होने के बाद 23 लाख 22 हजार रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए पहले चरण में 7 लाख 65 हजार रुपये फरवरी 2019 में मुहैया कराया गया। मार्च माह तक केवल 30 फीसदी काम पूरा होने के बाद इसका निर्माण बंद कर दिया गया। बजट के अभाव में करीब एक वर्ष तक बंद रहा। इसको लेकर अमर उजाला 7 फरवरी 2021 में अधर में लटकी डायलिसिस यूनिट शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग ने आनन फानन में दूसरी किस्त में 15 लाख 57 हजार रुपये स्वीकर कर दिया गया। साथ ही इस राशि से 31 मार्च तक खर्च कर किसी भी हाल में भवन बनाने के साथ इसमें डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
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विभागीय सूत्रों की माने तो कार्यदायी संस्थान ने निर्धारित तिथि से पूर्व ही डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य पूरा कर लिया। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा यूनिट को शुरू कराने के लिए इसमें आवश्यक उपकरण को लेकर लिखा पढ़ी की कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के चलते यह काम अधर में चला गया। ऐसे में किडनी के मरीजों को नि:शुल्क में मिलने वाली सुविधा अभी ओर समय के लिए खिंच गई। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार कुमार का कहना है कि डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य पूरा हो चुका है, उपकरण इंस्ट्राल करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द ही यूनिट शुरू हो जाएगा।
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