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मतपत्र अवैध होने पर जीता प्रत्याशी हारा, तो समर्थकों ने किया उपद्रव
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मऊ/कोपागंज। कोपागंज ब्लाक के गुंगुआबारी गांव की गणना के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब प्रधान पद का प्रत्याशी संतोष चौहान दो सौ मत पाकर विजयी घोषित होने वाला था, तभी विरोधी ने उसके मतपत्र पर पीठासीन अधिकारी का हस्ताक्षर न होने की अपील किया। इस तरह से संतोष को मिला सभी दौ सौ मत निरस्त कर दिया गया। इसके बाद हार रहे सीताराम चौहान को विजई घोषित किया गया। जैसे ही सीताराम को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया संतोष के सर्मथकों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान पुरुष को पुरुष गांव की महिलाएं मतगणना स्थल पर पहुंचकर हंगामा कर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दी। नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने मतदान निरस्त कर पुनर्मतदान की मांग की। हंगामा की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अजय तिवारी मय फोर्स मौके पर पहुंचे। इसबीच एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को समझाबुझा कर जाम समाप्त कराया।
जानकारी के अनुसार कोपागंज ब्लाक के गांगुआबारी गांव से प्रधान के लिए अर्जुन, अनिल, अनिल चौहान, इंदु, कपिल देव, पवन, पारसनाथ चौहान ,प्रमोद ,राजू ,रानी, सीताराम चौहान और संतोष चौहान सहित कुल 12 प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के दौरान बूथ संख्या 220 पर प्राप्त 676 मतों में से 200 मत संतोष चौहान को मिला। टोटल संतोष चौहान को 593 वोट प्राप्त हुए। तभी सीताराम चौहान की तरफ से आपत्ति जताई गई कि संतोष चौहान को बूथ संख्या 220 पर मिले 200 मतपत्रों पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है, आपत्ति की जांच की गई। आरोप सही मिलने पर दो सौ वोटों को निरस्त कर दिया गया। फिर क्या था दूसरे नंबर के रनर सीताराम चौहान विनर हो गए। दो सौ वोट निरस्त होते ही सीताराम संतोष को 69 मतों से हरा दिए। इसके बाद सीताराम को विजई घोषित कर प्रमाण पत्र सौपा गया। इसबात की जानकारी होने पर समर्थकों ने हंगामा कर दिया। नाराज महिलाएं मतगणना स्थल पर पहुंचकर गेट को धक्का देकर तोड़ने का प्रयास की। लेकिन पुलिस कर्मियों के कड़ा रुख अपनाने पर वो गेट नहीं तोड़ सकी। लेकिन नाराज होकर हाईवे पर जाम लगा दी। जाम की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अजय तिवारी मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। लेकिन वो देर शाम तक सड़क के किनारे पटरी पर बैठी थी।
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जानकारी के अनुसार कोपागंज ब्लाक के गांगुआबारी गांव से प्रधान के लिए अर्जुन, अनिल, अनिल चौहान, इंदु, कपिल देव, पवन, पारसनाथ चौहान ,प्रमोद ,राजू ,रानी, सीताराम चौहान और संतोष चौहान सहित कुल 12 प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के दौरान बूथ संख्या 220 पर प्राप्त 676 मतों में से 200 मत संतोष चौहान को मिला। टोटल संतोष चौहान को 593 वोट प्राप्त हुए। तभी सीताराम चौहान की तरफ से आपत्ति जताई गई कि संतोष चौहान को बूथ संख्या 220 पर मिले 200 मतपत्रों पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है, आपत्ति की जांच की गई। आरोप सही मिलने पर दो सौ वोटों को निरस्त कर दिया गया। फिर क्या था दूसरे नंबर के रनर सीताराम चौहान विनर हो गए। दो सौ वोट निरस्त होते ही सीताराम संतोष को 69 मतों से हरा दिए। इसके बाद सीताराम को विजई घोषित कर प्रमाण पत्र सौपा गया। इसबात की जानकारी होने पर समर्थकों ने हंगामा कर दिया। नाराज महिलाएं मतगणना स्थल पर पहुंचकर गेट को धक्का देकर तोड़ने का प्रयास की। लेकिन पुलिस कर्मियों के कड़ा रुख अपनाने पर वो गेट नहीं तोड़ सकी। लेकिन नाराज होकर हाईवे पर जाम लगा दी। जाम की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अजय तिवारी मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। लेकिन वो देर शाम तक सड़क के किनारे पटरी पर बैठी थी।
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