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कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण में घपला
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:22 PM IST
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जिले के रतनपुरा ब्लाक के मझौली गांव में स्थित कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण में भारी पैमाने पर धंाधली पाई गई। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मामले की जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है।
निर्माण में लगने वाली सभी सामग्रियां घटिया स्तर की हैं। जांच अधिकारी ने निर्माण सामग्री को विस्तृत जांच के लिए पीडब्ल्यूडी के तकनीकी विशेषज्ञों को नमूने भेजवा दिए हैं।
चहारदीवारी का निर्माण ग्राम आवास परिषद करा रहा है। मझौली गांव में मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की भूमि है। इस भूमि का चहादीवारी निर्माण के लिए राज्य सभा सदस्य सालिम अंसारी ने संासद निधि से आठ लाख 45 हजार रुपये दिए गए हैं। ग्राम विकास परिषद इसकी कार्यदायी संस्था है।
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संस्था ने इस कार्य के लिए ठेकेदार लक्ष्मी तिवारी को ठेका दे रखा है। मझौली गंाव के मु. जकरिया खान, रईस, एखलाक, सत्तार अहमद , मुुमताज खान और जलालुद्दीन खां आदि ग्रामीणों ने 31 दिसंबर 2015 को जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर निर्माण में घटिया सामग्री को प्रयोग किए जाने की शिकायत की।
डीएम ने प्रकरण की जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव को सौंपी। जांच अधिकारी ने शनिवार को मझौली जाकर चहारदीवारी की जांच किया। जांच अधिकारी ने पाया कि चहारदीवारी निर्माण में लग रही सामग्री की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया अत्यंत घटिया र्है। इंट तीसरे दर्जे यानी सेमा है।
लाल बालू की जगह सफेद बालू का प्रयोग किया जाता पाया गया। सीमेंट और बालू का अनुपात भी अत्यंत खराब मिला। जांच अधिकारी ने निर्माण सामग्री का नमूना लेकर जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों के पास भेजा।
इस संबंध में जांच अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टया चहारदीवारी निर्माण में लग रही सामग्रियां घटिया स्तर की हैं। इन सामग्रियों के नमूने विशेषज्ञों के पास भेजे गए हैं।
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निर्माण में लगने वाली सभी सामग्रियां घटिया स्तर की हैं। जांच अधिकारी ने निर्माण सामग्री को विस्तृत जांच के लिए पीडब्ल्यूडी के तकनीकी विशेषज्ञों को नमूने भेजवा दिए हैं।
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चहारदीवारी का निर्माण ग्राम आवास परिषद करा रहा है। मझौली गांव में मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की भूमि है। इस भूमि का चहादीवारी निर्माण के लिए राज्य सभा सदस्य सालिम अंसारी ने संासद निधि से आठ लाख 45 हजार रुपये दिए गए हैं। ग्राम विकास परिषद इसकी कार्यदायी संस्था है।
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संस्था ने इस कार्य के लिए ठेकेदार लक्ष्मी तिवारी को ठेका दे रखा है। मझौली गंाव के मु. जकरिया खान, रईस, एखलाक, सत्तार अहमद , मुुमताज खान और जलालुद्दीन खां आदि ग्रामीणों ने 31 दिसंबर 2015 को जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर निर्माण में घटिया सामग्री को प्रयोग किए जाने की शिकायत की।
डीएम ने प्रकरण की जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव को सौंपी। जांच अधिकारी ने शनिवार को मझौली जाकर चहारदीवारी की जांच किया। जांच अधिकारी ने पाया कि चहारदीवारी निर्माण में लग रही सामग्री की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया अत्यंत घटिया र्है। इंट तीसरे दर्जे यानी सेमा है।
लाल बालू की जगह सफेद बालू का प्रयोग किया जाता पाया गया। सीमेंट और बालू का अनुपात भी अत्यंत खराब मिला। जांच अधिकारी ने निर्माण सामग्री का नमूना लेकर जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों के पास भेजा।
इस संबंध में जांच अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टया चहारदीवारी निर्माण में लग रही सामग्रियां घटिया स्तर की हैं। इन सामग्रियों के नमूने विशेषज्ञों के पास भेजे गए हैं।