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पूरी तैयारी से आये थे हमलावर, आस पास के घरों के दरवाजों की बंद कर दी थी कुंडी फोड़ दिया बल्ब
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पिपरीडीह। हुड़हरा गांव निवासी शिवचन्द चौहान के परिवार को सबक सिखाने के लिये हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले पप्पू चौहान, छेदी चौहान, हरी चौहान, जगई और कमलेश सहित आस पास के मकानों के बाहरी दरवाजों की कुंडी बाहर से बंद कर दिया। ऐसा करके हमलावर इस बात पर निश्चित हो जाना चाहते थे कि घटना को अंजाम देते समय मचने वाली पुकार को सुनकर आसपास के घरों से कोई निकलकर मौके पर न पहुंच सके। घटना के बाद काफी शोर शराबा होने के बाद जब इन लोगों ने बाहर निकलना चाहा तो देखा कि घरों की कुंडी बाहर से बंद है। इन लोगों ने शोर मचा कर लोगों को बुलवाया और अपने दरवाजों के कुंडी खुलवाकर बाहर निकले। हमलावरों ने शिवचंद के घर के टीनशेड के पास लबे बल्ब को फोड़ दिया था और आस पास के घरों की बत्तियों को फोड़कर अंधेेरा कर दिया था।
मृतक के पांच भाई रहते हैं मुंबई में
देवकी चौहान के कुल छ: बेटों में शिवचंद अकेले ही घर पर रहते हैं जबकि उनके भाई विनोद, हरिकेश, उमेश, शम्भू और चुन्नू मुंबई रहते हैं। इनमें से शंभू हाल में मुंबई से घर आया है। देवकी ने पुश्तैनी मकान के अलावा गांव से बाहर खड़ंजे के बगल में कुछ कमरों का डेरा बनवाया है। देवकी, उसका बेटा शिवचंद, गीता और उसके दो बेटे अजीत और राज रात में डेरे पर सोए थे। आधी रात में पांच छह की संख्या में हमलावरों ने धावा बोल दिया और दुस्साहसिक घटना को अंजाम दे डाला। घटना की शिवचंद के भाइयों को सूचना दी गयी तो वे भी घर के लिए रवाना हो गए।
एक महीने पहले ही घर आया था हमलारोपी
रानीपुर। तिहरे हत्याकांड में मारा गया हमलारोपी टुनटुन मुंबई में कोई रोजगार करता था। बताते हैं कि एक माह पहले ही वह घर आया था। गांव में हो रही चर्चा के अनुसार टुनटुन के विरुद्ध मुंबई में भी हत्या का मुकदमा चल रहा है जिसमें वह काफी दिनों तक जेल में था। जेल से छूटने के बाद वह घर आया था और शिवचंद पर दबाव बना रहा था। शिवचंद के परिजनों के अनुसार टुनटुन ने गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से उन लोगों पर दबाव बना रहा था कि उसके बगल में गली में बनाए गए घर को हटा लेे, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। यह व्यक्ति कई दिन शिवचंद से आकर इस बात को कहा था। टुनटुन ने एक व्यक्ति को अपना दूत बना लिया था जो उसकी बात शिवचंद के परिवार तक पहुंचा देता था और इसकी रिपोर्ट फिर टुनटुन तक पहुंचाता था। यह बात वह गांव के भी कई लोगों से कह चुका था। पुलिस ने इस मामले में उक्त व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।
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कमिश्नर ने दिया पीड़ित परिजनों को भरोसा
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने भी घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने विवादित स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर आश्वासन दिया कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। शासनादेश के अनुसार परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी एवं प्रधानमंत्री आवास भी दिया जायेगा। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को पीड़ित परिवार को आवास आवंटित कराने का निर्देश दिया।
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मृतक के पांच भाई रहते हैं मुंबई में
देवकी चौहान के कुल छ: बेटों में शिवचंद अकेले ही घर पर रहते हैं जबकि उनके भाई विनोद, हरिकेश, उमेश, शम्भू और चुन्नू मुंबई रहते हैं। इनमें से शंभू हाल में मुंबई से घर आया है। देवकी ने पुश्तैनी मकान के अलावा गांव से बाहर खड़ंजे के बगल में कुछ कमरों का डेरा बनवाया है। देवकी, उसका बेटा शिवचंद, गीता और उसके दो बेटे अजीत और राज रात में डेरे पर सोए थे। आधी रात में पांच छह की संख्या में हमलावरों ने धावा बोल दिया और दुस्साहसिक घटना को अंजाम दे डाला। घटना की शिवचंद के भाइयों को सूचना दी गयी तो वे भी घर के लिए रवाना हो गए।
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एक महीने पहले ही घर आया था हमलारोपी
रानीपुर। तिहरे हत्याकांड में मारा गया हमलारोपी टुनटुन मुंबई में कोई रोजगार करता था। बताते हैं कि एक माह पहले ही वह घर आया था। गांव में हो रही चर्चा के अनुसार टुनटुन के विरुद्ध मुंबई में भी हत्या का मुकदमा चल रहा है जिसमें वह काफी दिनों तक जेल में था। जेल से छूटने के बाद वह घर आया था और शिवचंद पर दबाव बना रहा था। शिवचंद के परिजनों के अनुसार टुनटुन ने गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से उन लोगों पर दबाव बना रहा था कि उसके बगल में गली में बनाए गए घर को हटा लेे, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। यह व्यक्ति कई दिन शिवचंद से आकर इस बात को कहा था। टुनटुन ने एक व्यक्ति को अपना दूत बना लिया था जो उसकी बात शिवचंद के परिवार तक पहुंचा देता था और इसकी रिपोर्ट फिर टुनटुन तक पहुंचाता था। यह बात वह गांव के भी कई लोगों से कह चुका था। पुलिस ने इस मामले में उक्त व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।
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कमिश्नर ने दिया पीड़ित परिजनों को भरोसा
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने भी घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने विवादित स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर आश्वासन दिया कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। शासनादेश के अनुसार परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी एवं प्रधानमंत्री आवास भी दिया जायेगा। कमिश्नर ने मौके पर मौजूद डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को पीड़ित परिवार को आवास आवंटित कराने का निर्देश दिया।