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एक वर्ष से निजी विद्यालयों के शिक्षकों को नही मिल रहा वेतन

Mon, 12 Jul 2021 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:27 PM IST
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Teachers of private schools are not getting salary since one year
इंदारा (मऊ)। कोरोना महामारी से सभी वर्ग के लोग परेशान हैं। सरकार ने उद्योग धंधों के संचालन के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है लेकिन निजी स्कूलों तथा कोचिंग पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले निजी शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। विद्यालय बंद होने और कोचिंग संचालन की अनुमति न मिलने से निजी शिक्षक परेशान हैं। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दर्जनों निजी स्कूल तथा कोचिंग संस्थान हैं। कोरोना संक्रमणकाल में स्कूल, कालेज तथा कोचिंग संस्थान बंद चल रहे हैं। ऐसे में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहराने लगा है।
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कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो डिप्रेशन, ब्लड प्रेशर और शुगर का शिकार हो गए हैं। उनके पास दवा के लिए भी पैसा नहीं है। कोचिंग तथा विद्यालय में पढ़ाकर परिवार चलाने वाले निजी शिक्षक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संबंध में निजी विद्यालयों के शिक्षक अनुराग सिंह, गुड्डू शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते लंबे समय से विद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में वेतन नहीं मिल रहा है। परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च चलाना मुश्किल लग रहा है। व्यापारियों की तरह सरकार निजी शिक्षकों को भी कुछ छूट प्रदान करे।
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इसी क्रम में अमृता सिंह, दीपक कुमार, अशोक कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण से विद्यालय बंद चल रहे हैं, लेकिन विद्यालय प्रबंधक मानदेय देना बंद कर दिया है। इससे अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
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