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टीबी अभिशाप नहीं, इसका संभव है इलाज
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मऊ।आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आइकोनिक वीक ऑफ हेल्थ अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन नगर स्थित डीसीएसके पीजी कॉलेज में शुक्रवार को हुआ। इसमें एनसीसी, एनएसएस के छात्रों को टीबी के प्रति संवेदीकरण कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर सभी से अपील की गई कि अपने आसपास के क्षेत्र एवं विद्यालय में क्षय टीबी रोग के बारे में चर्चा करें।
यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक की खांसी, बुखार, वजन का घटना, भूख ना लगना आदि लक्षण दिखे तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उनकी निशुल्क जांच कराएं। इसके साथ ही क्षय रोग के संबंध में समाज को बताएं कि यह कोई कलंक या अभिशाप नहीं है, इसका इलाज संभव है। इस कार्य में समर्पित होकर स्वास्थ्य एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दें। इस मौके पर सभी ने संकल्प लिया कि टीबी हारेगा, देश जीतेगा। वर्ष 2025 तक इसे साकार करने में हम सभी पूर्ण रूप से योगदान करेंगे और अपने देश को टीबी मुक्त करेंगे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश पांडेय, डॉ0.सूर्य भूषण द्विवेदी, डॉ. बाबू लाल यादव एवं स्वास्थ्य विभाग से डीपीपीएम कोऑर्डिनेटर जयदेश यादव, डीपीटीसी पशुपति नाथ सिंह, अशोक यादव, बीके वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक की खांसी, बुखार, वजन का घटना, भूख ना लगना आदि लक्षण दिखे तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उनकी निशुल्क जांच कराएं। इसके साथ ही क्षय रोग के संबंध में समाज को बताएं कि यह कोई कलंक या अभिशाप नहीं है, इसका इलाज संभव है। इस कार्य में समर्पित होकर स्वास्थ्य एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दें। इस मौके पर सभी ने संकल्प लिया कि टीबी हारेगा, देश जीतेगा। वर्ष 2025 तक इसे साकार करने में हम सभी पूर्ण रूप से योगदान करेंगे और अपने देश को टीबी मुक्त करेंगे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश पांडेय, डॉ0.सूर्य भूषण द्विवेदी, डॉ. बाबू लाल यादव एवं स्वास्थ्य विभाग से डीपीपीएम कोऑर्डिनेटर जयदेश यादव, डीपीटीसी पशुपति नाथ सिंह, अशोक यादव, बीके वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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