मऊ। मौसम में हुए बदलाव से तापमान में वृद्धि जारी है। ऐसे में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। सरकारी तथा निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। कुछ मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। वहीं चिकित्सक मरीजों को रोगों से बचने की सलाह भी दे रहे हैं। जिला अस्पताल में इन दिनों मौसम में बदलाव से अस्पताल में मरीज खासी संख्या में पहुंच रहे हैं। ओपीडी हो या पर्ची काउंटर अथवा डॉक्टर का कक्ष, हर जगह मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत पैथॉलाजी में हो रही है। यहां लोग खून की जांच के लिए कतारों में लग कर अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा रहे हैं। अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रर के आंकड़ों को देखें तो शुक्रवार की दोपहर एक बजे तक 350 मरीज, बृहस्पतिवार को 200 तो इससे पहले 325 मरीज इलाज कराने पहुंचे।अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. शैलेष कुशवाह ने बताया कि तापमान में वृद्धि का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बुखार, उल्टी, दस्त, नाक से रक्त आने, गले में इन्फेक्शन, पेट दर्द और घबराहट के मरीज अस्पताल में अधिक आ रहे हैं। इसके अलावा चर्म रोग के मरीज भी आने लगे हैं। धूप से बचाव, स्वच्छ पानी, बासी खाना नहीं खाने व सूती कपड़े के उपयोग करने की जरूरत है। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने लोगों को सुझाव दिया कि खाली पेट घर से बाहर न निकलें। सुबह नीबू पानी पीएं और शुद्ध पानी का उपयोग करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हल्के कपड़े पहनें और पुदीने का शरबत पीएं। इससे लाभ होगा।