{"_id":"57aa1b2f4f1c1b0445ee460a","slug":"sweating-to-stamp-applicants","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक टिकट के लिए पसीना बहा रहे आवेदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक टिकट के लिए पसीना बहा रहे आवेदक
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
कोपागंज डाकघर में डाक टिकट और रजिस्ट्री करने के लिए जुटी भीड़।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानीय डाकघर में टिकट खरीदने व फार्म जमा करने के लिए युवक-युवतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी भीड़ के बाद भी डाकघरों पर पर्याप्त काउंटर की सुविधा बहाल नहीं की जा सकी है। हालत यह है कि सुबह सात बजे से लाइन लग जा रही है। डाक टिकट न मिल पाने से अभ्यर्थी आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे हैं। संविदा पर नगर पंचायतों में निकली सफाई कर्मचारी की भर्ती को लेकर बेरोजगार युवक-युवतियों द्वारा फार्म को भरने के लिए परेशान हैं। फार्म भरने के लिए स्थानीय डाकघर पर सुबह से लेकर देर शाम तक टिकट के लिए लाइन लगा रहे हैं। बावजूद इसके इन्हें टिकट नहीं मिल पा रहा है। कतार में लगे युवक सोनू ,मुन्ना प्रजापति ,कमलेश ,गुलाब ,शालिनी ,उर्मिला ,मंशा आदि का कहना था कि डाकघर में तैनात कुछ कर्मचारी बड़े पैमाने पर टिकट को बाहर अधिक दामों पर बेचवा रहे हैं। डाकघर में मांग के अनुरूप टिकट की व्यवस्था नहीं की गई तो लोगों का गुस्सा कभी फूट सकता है।
उधर रतनपुरा संवाददाता के अनुसार स्थानीय उप डाकघर में व्याप्त अव्यवस्था से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। डाकघर में डाक टिकट तक का अभाव है। एक काउंटर होने से आवेदकों में डाकटिकट लेने के लिए धक्का मुक्की की नौबत आ जाती है भारी भीड़ के बाद भी डाकघर की ओर से बेहतर व्यवस्था नहीं की जा सकी थी।
जिला प्रशासन की ओर से सफाईकर्मियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जैसे-जैसे अंतिम तिथि नजदीक आ रही है आवेदकों की डाकघरों पर लंबी भीड़ लग जा रही है। डाक टिकटों की पर्याप्त उपलब्धता न होने से काउंटर पर मारामारी की नौबत उत्पन्न हो जा रही है। मंगलवार को स्थानीय डाक घर पर आवेदकों की उमड़ी भीड़ से अफरातफरी मची रही। आवेदन पर लगने वाले डाक टिकट डाकघर में न मिलने के कारण बेरोजगार इधर उधर भटकते दिखे। डाकटिकट लेने वाले श्यामलाल, शिवकुमार यादव, अशोक सिंह, मनोज शर्मा का कहना था कि डाक टिकट दलालों के माध्यम से बेचा जा रहा है। आवेदनों पर लगने वाले सताइस रुपये की जगह 50 रुपये से 75 रुपये में टिकट पिछले दरवाजे से मिल रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिला आवेदकों को हो रही है सफाई कमी के लिए किये जाने वाले आवेदन में बेरोजगारों की फौज में स्नातक, आईटीआई पालीटेक्निक, स्नातकोत्तर आदि डिग्रीधारी भी लाइन में लगे हैं। उधर सावन माह में डाक के माध्यम से राखी भेजने वाली बहने भी डाक टिकट न मिलने से परेशान हैं। शिकायत के बाद भी डाकघरों में पर्याप्त डाकटिकट की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर रतनपुरा संवाददाता के अनुसार स्थानीय उप डाकघर में व्याप्त अव्यवस्था से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। डाकघर में डाक टिकट तक का अभाव है। एक काउंटर होने से आवेदकों में डाकटिकट लेने के लिए धक्का मुक्की की नौबत आ जाती है भारी भीड़ के बाद भी डाकघर की ओर से बेहतर व्यवस्था नहीं की जा सकी थी।
विज्ञापन
जिला प्रशासन की ओर से सफाईकर्मियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जैसे-जैसे अंतिम तिथि नजदीक आ रही है आवेदकों की डाकघरों पर लंबी भीड़ लग जा रही है। डाक टिकटों की पर्याप्त उपलब्धता न होने से काउंटर पर मारामारी की नौबत उत्पन्न हो जा रही है। मंगलवार को स्थानीय डाक घर पर आवेदकों की उमड़ी भीड़ से अफरातफरी मची रही। आवेदन पर लगने वाले डाक टिकट डाकघर में न मिलने के कारण बेरोजगार इधर उधर भटकते दिखे। डाकटिकट लेने वाले श्यामलाल, शिवकुमार यादव, अशोक सिंह, मनोज शर्मा का कहना था कि डाक टिकट दलालों के माध्यम से बेचा जा रहा है। आवेदनों पर लगने वाले सताइस रुपये की जगह 50 रुपये से 75 रुपये में टिकट पिछले दरवाजे से मिल रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिला आवेदकों को हो रही है सफाई कमी के लिए किये जाने वाले आवेदन में बेरोजगारों की फौज में स्नातक, आईटीआई पालीटेक्निक, स्नातकोत्तर आदि डिग्रीधारी भी लाइन में लगे हैं। उधर सावन माह में डाक के माध्यम से राखी भेजने वाली बहने भी डाक टिकट न मिलने से परेशान हैं। शिकायत के बाद भी डाकघरों में पर्याप्त डाकटिकट की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन