{"_id":"ca2ec22a948e55be15860a08fb3d083a","slug":"sugarcane-farmers-reached-1-95-caror-in-accounts-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना किसानों के खातों में पहुंचा 1.95 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना किसानों के खातों में पहुंचा 1.95 करोड़
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान सहकारी चीनी मिल घोसी ने काफी देर से पेराई सत्र शुरू होने के बावजूद आठ लाख 18 हजार कुंतल गन्ने की पेराई की है। मिल ने वर्तमान सत्र में 62 हजार 750 कुंतल चीनी का उत्पादन कर रेकार्ड बनाया है।
इस अवधि में क्रय किए गए गन्ने की कीमत का भुगतान करते हुए मिल प्रबंधन ने किसानों के खातों में एक करोड़ 95 लाख भेज दिया है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक आरबी यादव ने बताया कि पेराई सत्र 2014 -15 में
मिल ने आठ लाख 18 हजार कुंतल गन्ना की पेराई करके 8. 45 प्रतिशत रिकवरी की दर से कुल 62 हजार साढ़े सात सौ कुंतल चीनी का उत्पादन किया है। यह उत्पादन पिछले वर्ष की अपेक्षा बहुत अधिक है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 22 करोड़ 58 लाख 92 हजार रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि मिल ने अपने संसाधनों के बल पर किसानों को एक करेाड़ 95 लाख का भुगतान
कोर बैंकिंग के माध्यम से किया है। उन्होंने अपील किया कि कोर बैंकिंग की सुविधा वाले बैंकों में जिन किसानों के खाते नहीं खुले हैं वे अपना खाता खुलवा लें, जिससे उनके गन्ने के मूल्य की धनराशि को सीधे उनके खाते में
कोर बैंकिंग के माध्यम से भेजा जा सके। जीएम ने किसानों का आह्वान किया कि वे साफ सुथरा और ताजा गन्ना ही मिल पर लाएं, जिससे रिकवरी दर में गिरावट न आये और चीनी मिल का घाटा बढ़ने न पाए।
मुख्य गन्ना अधिकारी उपेन्द्र्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र में गन्ने की फसल का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए चीनी मिल की ओर से सतत प्रयास किए जा रहे हैं। बसंतकालीन उन्नतिशील गन्ना बीज चीनी मिल
अपने परिवहन व्यय से किसानों को उपलब्ध करा रही है। बताया कि चीनी मिल क्षेत्र में कुल 32 हजार गन्ना किसान हैं। गन्ना किसानों को पर्ची नेट पर आनलाइन कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस अवधि में क्रय किए गए गन्ने की कीमत का भुगतान करते हुए मिल प्रबंधन ने किसानों के खातों में एक करोड़ 95 लाख भेज दिया है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक आरबी यादव ने बताया कि पेराई सत्र 2014 -15 में
विज्ञापन
मिल ने आठ लाख 18 हजार कुंतल गन्ना की पेराई करके 8. 45 प्रतिशत रिकवरी की दर से कुल 62 हजार साढ़े सात सौ कुंतल चीनी का उत्पादन किया है। यह उत्पादन पिछले वर्ष की अपेक्षा बहुत अधिक है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 22 करोड़ 58 लाख 92 हजार रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि मिल ने अपने संसाधनों के बल पर किसानों को एक करेाड़ 95 लाख का भुगतान
कोर बैंकिंग के माध्यम से किया है। उन्होंने अपील किया कि कोर बैंकिंग की सुविधा वाले बैंकों में जिन किसानों के खाते नहीं खुले हैं वे अपना खाता खुलवा लें, जिससे उनके गन्ने के मूल्य की धनराशि को सीधे उनके खाते में
कोर बैंकिंग के माध्यम से भेजा जा सके। जीएम ने किसानों का आह्वान किया कि वे साफ सुथरा और ताजा गन्ना ही मिल पर लाएं, जिससे रिकवरी दर में गिरावट न आये और चीनी मिल का घाटा बढ़ने न पाए।
मुख्य गन्ना अधिकारी उपेन्द्र्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र में गन्ने की फसल का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए चीनी मिल की ओर से सतत प्रयास किए जा रहे हैं। बसंतकालीन उन्नतिशील गन्ना बीज चीनी मिल
अपने परिवहन व्यय से किसानों को उपलब्ध करा रही है। बताया कि चीनी मिल क्षेत्र में कुल 32 हजार गन्ना किसान हैं। गन्ना किसानों को पर्ची नेट पर आनलाइन कर दिया गया है।