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Mau News: सफाई के लिए चीनी मिल बंद, सड़क पर खड़ी हैं गन्ना लदी ट्रॉलियां
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नगर से समीप धरौली स्थित किसान सहकारी चीनी मिल घोसी में शनिवार से सफाई होने के चलते अस्थाई रुप से बंद हो गई। किसानों की गन्ना लदी ट्रॉलियां चीनी मिल के परिसर में जगह कम होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ी होने लगी है।
जिससे किसान सड़क के किनारे कड़ाके की ठंड में सोने को विवश हैं। गन्ने के पेराई सत्र 2025-26 में गन्नें की पेराई का लक्ष्य पूर्ण करना चीनी मिल प्रशासन के लिए काफी चुनौती बनी हुई है।
गन्ने की पेराई सत्र शुरू होने के उपरांत दो माह बीत गया और अभी तक 18 लाख क्विंटल के सापेक्ष मात्र आठ लाख क्विंटल ही गन्ने की पेराई कर पाई है। चीनी मिल प्रशासन ने किसानों को पर्ची मिलने पर ही गन्ने की कटाई कर गन्ने को तौल करने के लिए निर्देशित किया है।
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उनके गन्ने के मूल्य का भुगतान समय से किया जा सकें। अभी पेराई सत्र के शुरुआती दौर से अब तक किसी भी किसान के गन्ने मूल्य का भुगतान नहीं किया जा सका है। दो माह बाद किसानों के गन्ने मूल्य का भुगतान उनके द्वारा दिए गए खाते में भेज दी जाएगी।
चीनी मिल 18 लाख क्विंटल गन्ना पेराई लक्ष्य के साथ शुरू हुई है। पिछले पेराई सत्र में लक्ष्य 20 लाख क्विंटल ही रहा। इस बार पिछली बार के सापेक्ष दो लाख क्विंटल लक्ष्य कम करने के साथ ही सात तौल केंद्र कम कर दी गई है।
पिछली बार 15 तौल केंद्र बनाए गए थे, जबकि इस बार मात्र आठ ही केंद्र बनाए गए हैं। प्रधान प्रबंधक महेंद्र प्रताप का कहना है कि किसानों को चीनी मिल की साफ सफाई करने के कारण तीन दिन गन्ना लाने के लिए नोटिस देकर मना किया गया था।
किसानों के गन्नें लाने से सड़क पर लाइनें लगी हैं। साफ सफाई के उपरांत चीनी मिल चालू होते ही सड़क से लाइनें हट जाएंगी। उन्होंने ने किसानों से साफ सुथरा और समय से ताजा गन्ना लाने की अपील की।
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जिससे किसान सड़क के किनारे कड़ाके की ठंड में सोने को विवश हैं। गन्ने के पेराई सत्र 2025-26 में गन्नें की पेराई का लक्ष्य पूर्ण करना चीनी मिल प्रशासन के लिए काफी चुनौती बनी हुई है।
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गन्ने की पेराई सत्र शुरू होने के उपरांत दो माह बीत गया और अभी तक 18 लाख क्विंटल के सापेक्ष मात्र आठ लाख क्विंटल ही गन्ने की पेराई कर पाई है। चीनी मिल प्रशासन ने किसानों को पर्ची मिलने पर ही गन्ने की कटाई कर गन्ने को तौल करने के लिए निर्देशित किया है।
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उनके गन्ने के मूल्य का भुगतान समय से किया जा सकें। अभी पेराई सत्र के शुरुआती दौर से अब तक किसी भी किसान के गन्ने मूल्य का भुगतान नहीं किया जा सका है। दो माह बाद किसानों के गन्ने मूल्य का भुगतान उनके द्वारा दिए गए खाते में भेज दी जाएगी।
चीनी मिल 18 लाख क्विंटल गन्ना पेराई लक्ष्य के साथ शुरू हुई है। पिछले पेराई सत्र में लक्ष्य 20 लाख क्विंटल ही रहा। इस बार पिछली बार के सापेक्ष दो लाख क्विंटल लक्ष्य कम करने के साथ ही सात तौल केंद्र कम कर दी गई है।
पिछली बार 15 तौल केंद्र बनाए गए थे, जबकि इस बार मात्र आठ ही केंद्र बनाए गए हैं। प्रधान प्रबंधक महेंद्र प्रताप का कहना है कि किसानों को चीनी मिल की साफ सफाई करने के कारण तीन दिन गन्ना लाने के लिए नोटिस देकर मना किया गया था।
किसानों के गन्नें लाने से सड़क पर लाइनें लगी हैं। साफ सफाई के उपरांत चीनी मिल चालू होते ही सड़क से लाइनें हट जाएंगी। उन्होंने ने किसानों से साफ सुथरा और समय से ताजा गन्ना लाने की अपील की।