फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   studying without books

बिना किताबों के हो रही पढ़ाई

Wed, 22 Jun 2022 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
studying without books
मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र शुरू होने के 82 दिन बाद भी निदेशालय से नि:शुल्क किताबों की खेप नहीं आ सकी है। ऐसे में बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि विद्यालयों में कुछ पुरानी किताबें वितरित की गई हैं। उधर, अधिकारी जुलाई में पुस्तकें आने का दावा कर रहे हैं। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1,73000 बच्चे पढ़ रहे हैं। विद्यालयों में पहली से आठवीं के बच्चों के लिए नि:शुल्क यूनिफार्म, पाठ्यपुस्तक सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जाती हैं। नियम के तहत नए शिक्षा सत्र अप्रैल में ही बच्चों को किताबें मिल जानी चाहिए थीं लेकिन इनका वितरण अभी तक नहीं किया गया। जबकि विभाग की तरफ से पुस्तकों के लिए क्रयादेश भेजा जा चुका है। अप्रैल में विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा कुछ पुरानी पुस्तकें बच्चों में वितरित की गई थीं। लेकिन नामांकन कराने वाले बच्चों को एक भी किताब नहीं मिली।
विज्ञापन

कुसुम्हा : क्षेत्र के शाहपुर निवासी अनुराधा गुप्ता का कहना है कि दो माह बीत गया, अभी तक बच्चे को किताब नहीं मिली है। पवित्रा देवी ने बताया कि घर-घर जाकर शिक्षकों ने नि:शुल्क किताब सहित तमाम योजनाओं का लाभ देने की बात कही, लेेकिन अभी तक किताब नहीं मिली। रुना गुप्ता ने कहा कि किताब के अभाव में बच्चा पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। लखराजी देवी ने कहा कि दो माह बीत गया। बच्चे को किताब नहीं मिली। समझ में नहींआ रहा है। ऐसा क्यों हो रहा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को शासन की तरफ से दो सेट यूनिफार्म, जूता मोजा, स्वेटर के लिए अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजे जाते हैं। विभाग की तरफ से अब तक 1.73 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में राशि भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक लगभग 50 प्रतिशत बच्चे ही यूनिफार्म में आ रहे हैं। जबकि आला अधिकारी 90 प्रतिशत बच्चों के यूनिफार्म में विद्यालय आने का दावा कर रहे हैं। सभी बीईओ का कहना है कि बैठक में अभिभावकों को ड्रेस खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी किताबें बच्चों में वितरित की गई हैं। जबकि किताबों के लिए क्रयादेश भेज दिया गया है। जुलाई तक किताबों की खेप आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed