फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Storm water

आंधी पानी ने मचाई तबाही

Tue, 05 May 2020 09:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 09:06 PM IST
विज्ञापन
Storm water
आँधी और बारिश के बीच रतनपुरा के कुड़वा स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र का उड़ा टीशेड। - फोटो : MAU
मऊ । जिले में मंगलवार की तड़के आई तेज आंधी और बारिश ने खासा नुकसान किया। ऐसे में किसानों के साथ ईंट भट्ठा मालिकों को परेशान कर दिया है। फसल के साथ-साथ हरी सब्जियों को नुकसान तो पहुंचा है। ईंट भट्ठों पर पाथी गई लाख ईंटें मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गईं। कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे उखड़ गए। रतनपुरा ब्लाक की कुड़वा गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से बने वृहद गो संरक्षण केंद्र का टीन शेड उड़ गया और उसमें रखा 40 ट्राली भूसा भींग गया। मंगलवार की तड़के जब लोग उठे ही थे कि आई तेज आंधी से आसमान धूल से ढक गया। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। रतनपुरा ब्लाक के बाजपुर में बिजली का खंभा उखड़ गया। इससे गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उधर कुड़वा गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से बने बृहद गो संरक्षण केंद्र का टीन शेड उड़कर दूर जा गिरा। गनीमत थी कि केंद्र में कोई गोवंश नहीं था। हालांकि केंद्र में रखा गया 40 ट्राली भूसा भींग गया। तेज बारिश से जनपद के सारे ईंट भट्टों पर पाथी गई ईंट भींगकर बरबाद हो गई। जबकि प्याज, लहसुन, करेली, टमाटर, ककड़ी, खीरा, लौकी, कद्दू आदि हरी सब्जियां नष्ट हो गईं। आम के पेडों पर लगे टिकोरे झड़ गए। उधर, दोहरीघाट, घोसी, बोझी, दुबारी और मधुबन के देवारांचल में आम और हरी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ। देवारा क्षेत्र में सैकड़ों सैकड़ों परिवारों के छप्पर और टीन शेड उड़ गए जिससे लाखों का नुकसान हुआ। किसान नेता देव प्रकाश राय तथा राकेश सिंह तथा सुभाष यदुवंशी का कहना है कि मई में बारिश से किसानों की अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है। खेतों की जुताई से लेकर जायद फसलों की तैयारी में किसानों की लगात बर्बाद हो रही है। फतेहपुर निवासी ईट भट्ठा मालिक अरुण सिंह, भुसुवा के हरेंद्र चौहान ,रमा रमण सिंह का कहना है कि वर्तमान सीजन में छठीं बार यह बारिश हुई है। बार-बार बारिश होने से ईट भीग कर बर्बाद हो जा रही है। प्रकृति की प्रकोप से ईंट भट्ठा मालिकों को बचाने के लिए सरकार को विचार करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed