मऊ । जिले में मंगलवार की तड़के आई तेज आंधी और बारिश ने खासा नुकसान किया। ऐसे में किसानों के साथ ईंट भट्ठा मालिकों को परेशान कर दिया है। फसल के साथ-साथ हरी सब्जियों को नुकसान तो पहुंचा है। ईंट भट्ठों पर पाथी गई लाख ईंटें मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गईं। कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे उखड़ गए। रतनपुरा ब्लाक की कुड़वा गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से बने वृहद गो संरक्षण केंद्र का टीन शेड उड़ गया और उसमें रखा 40 ट्राली भूसा भींग गया। मंगलवार की तड़के जब लोग उठे ही थे कि आई तेज आंधी से आसमान धूल से ढक गया। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। रतनपुरा ब्लाक के बाजपुर में बिजली का खंभा उखड़ गया। इससे गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उधर कुड़वा गांव में एक करोड़ 20 लाख की लागत से बने बृहद गो संरक्षण केंद्र का टीन शेड उड़कर दूर जा गिरा। गनीमत थी कि केंद्र में कोई गोवंश नहीं था। हालांकि केंद्र में रखा गया 40 ट्राली भूसा भींग गया। तेज बारिश से जनपद के सारे ईंट भट्टों पर पाथी गई ईंट भींगकर बरबाद हो गई। जबकि प्याज, लहसुन, करेली, टमाटर, ककड़ी, खीरा, लौकी, कद्दू आदि हरी सब्जियां नष्ट हो गईं। आम के पेडों पर लगे टिकोरे झड़ गए। उधर, दोहरीघाट, घोसी, बोझी, दुबारी और मधुबन के देवारांचल में आम और हरी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ। देवारा क्षेत्र में सैकड़ों सैकड़ों परिवारों के छप्पर और टीन शेड उड़ गए जिससे लाखों का नुकसान हुआ। किसान नेता देव प्रकाश राय तथा राकेश सिंह तथा सुभाष यदुवंशी का कहना है कि मई में बारिश से किसानों की अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है। खेतों की जुताई से लेकर जायद फसलों की तैयारी में किसानों की लगात बर्बाद हो रही है। फतेहपुर निवासी ईट भट्ठा मालिक अरुण सिंह, भुसुवा के हरेंद्र चौहान ,रमा रमण सिंह का कहना है कि वर्तमान सीजन में छठीं बार यह बारिश हुई है। बार-बार बारिश होने से ईट भीग कर बर्बाद हो जा रही है। प्रकृति की प्रकोप से ईंट भट्ठा मालिकों को बचाने के लिए सरकार को विचार करना चाहिए।