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रोडवेज में शौचालय का निर्माण रोका
mau
Updated Wed, 16 May 2018 11:25 PM IST
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नगर के रोडवेज परिसर में रुका शौचालय का निर्माण कार्य।
- फोटो : mau
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परिवहन मुख्यालय ने रोडवेज परिसर में बन रहे सामुदायिक शौचालय निर्माण के कार्य को बुधवार को रोकवा दिया। इस निर्माण की इजाजत एआरएम ने बिना मुख्यालय के पूछे ही नगर पालिका को अनुमति दे दी थी। निर्माण की बाबत पता चलने पर मुख्यालय ने निर्माण पर रोक लगाई। ऐसे में यात्रियों को मिलने वाली सुविधा छिन गई। जबकि नगर पालिका को लाखों का नुकसान भी हुआ। ईओ नगर पालिका ने इस नुकसान और एआएम की लापरवाही से संबंधित पत्र डीएम को भेजा है।
शहर के मुख्य क्षेत्र सहादतपुरा में सामुदायिक शौचालय का कोई इंतजाम नहीं है। जबकि इस क्षेत्र में बस स्टेशन होने के साथ नगर का मुख्य बाजार है। शौचालय न होने के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को उठानी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए नगर पालिका द्वारा 5 माह पूर्व मुख्य बाजार में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए शहर में जमीन चिह्नित करने का सर्वे कार्य किया जा रहा था। जहां रोडवेज परिसर में गेट नंबर 2 के किनारे खाली पड़ी जमीन में शौचालय बनाने की मांग को लेकर नगर पालिका द्वारा स्थानीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव दिया गया। जिस पर एआएम द्वारा नगर पालिका को शौचालय बनाने के लिए स्वीकृति दे दी। जिसके बाद पालिका द्वारा 5 लाख 90 हजार की लागत से छ: सीटर का शौचालय बनाने के लिए कार्य शुरू करा दिया गया। लेकिन नगर पालिका द्वारा अभी 40 प्रतिशत ही कार्य कराया गया था कि आजमगढ़ आरएम द्वारा नगर पालिका को बिना स्वीकृति के कार्य कराने की बात कहते हुए कार्य रूकवा दिया गया।
इस संबंध में एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी का कहना है कि नगर पालिका को उनके द्वारा केवल यूरिनल बनाने की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन उनके द्वारा शौचालय का निर्माण कराया जाने लगा। जिसकी जानकारी होने पर आला अधिकारियों द्वारा कार्य रूकवा दिया गया। जबकि नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि स्थानीय अधिकारी को स्वीकृति के बाद ही कार्य शुरू कराया गया है। लेकिन बाद में आजमगढ़ आरएम द्वारा स्वीकृति न होने की बात कहकर कार्य रूकवा दिया गया है। जबकि नगर पालिका द्वारा इस कार्य के लिए लाखों रूपए खर्च किया जा चुका है। कार्य को शुरू कराने के लिए कई बार परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया, जहां कोई अमल न होने पर इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भी अवगत कराया जा चुका है।
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शहर के मुख्य क्षेत्र सहादतपुरा में सामुदायिक शौचालय का कोई इंतजाम नहीं है। जबकि इस क्षेत्र में बस स्टेशन होने के साथ नगर का मुख्य बाजार है। शौचालय न होने के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को उठानी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए नगर पालिका द्वारा 5 माह पूर्व मुख्य बाजार में सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए शहर में जमीन चिह्नित करने का सर्वे कार्य किया जा रहा था। जहां रोडवेज परिसर में गेट नंबर 2 के किनारे खाली पड़ी जमीन में शौचालय बनाने की मांग को लेकर नगर पालिका द्वारा स्थानीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव दिया गया। जिस पर एआएम द्वारा नगर पालिका को शौचालय बनाने के लिए स्वीकृति दे दी। जिसके बाद पालिका द्वारा 5 लाख 90 हजार की लागत से छ: सीटर का शौचालय बनाने के लिए कार्य शुरू करा दिया गया। लेकिन नगर पालिका द्वारा अभी 40 प्रतिशत ही कार्य कराया गया था कि आजमगढ़ आरएम द्वारा नगर पालिका को बिना स्वीकृति के कार्य कराने की बात कहते हुए कार्य रूकवा दिया गया।
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इस संबंध में एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी का कहना है कि नगर पालिका को उनके द्वारा केवल यूरिनल बनाने की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन उनके द्वारा शौचालय का निर्माण कराया जाने लगा। जिसकी जानकारी होने पर आला अधिकारियों द्वारा कार्य रूकवा दिया गया। जबकि नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि स्थानीय अधिकारी को स्वीकृति के बाद ही कार्य शुरू कराया गया है। लेकिन बाद में आजमगढ़ आरएम द्वारा स्वीकृति न होने की बात कहकर कार्य रूकवा दिया गया है। जबकि नगर पालिका द्वारा इस कार्य के लिए लाखों रूपए खर्च किया जा चुका है। कार्य को शुरू कराने के लिए कई बार परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया, जहां कोई अमल न होने पर इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भी अवगत कराया जा चुका है।
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