दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि होने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी की प्रलयंकारी लहरें भारतमाता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही है। इससे ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरों में पड़ गया है। सरयू नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बार-बार नदी के घटने वह बढ़ने से लोग बेचैन हैं। नदी के उग्र रुप धारण करने से जहां नगर की भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, साईं बाबा का मंदिर, डीहबाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरा में पड़ गया है। वहीं बीबीपुर, बहादुरपुर, कोरौली, पतनई, सरया, गोधनी, पाऊस, ठाकुरगांव, गौरीडीह, नईबाजार, नवली, सरहरा, रामपुर धनौली सहित तटवर्ती गांवो में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही है। किसानों को फसलों के जलमग्न होने की चिंता अभी से सताने लगी है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो रविवार को नदी का जलस्तर 69.45 मीटर रहा। जबकि शनिवार को जलस्तर 69.30 मीटर था। इस तरह नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। संवाद