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समाज कल्याण का लिपिक निलंबित
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Jan 2015 10:54 PM IST
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घपले के आरोपों की जांच में सहयोग न करने और अपने पूर्व तैनाती वाले जिले आजमगढ़ में हुए विभागीय घपले के आरोप में नामजद मऊ के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में कार्यरत सहायक लेखाकार संजय कुमार राय को समाज कल्याण निदेशक ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया।
उसे लखनऊ स्थित मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की जांच संयुक्त निदेशक (प्रशासक) गुना राम को सौंपी गई है।विभाग के सहायक लेखाकार संजय कुमार राय पूर्व में आजमगढ़ में तैनात थे। उनपर छात्रवृत्ति तथा अन्य मदाें के 45 लाख से अधिक रुपयों की हेराफेरी के साथ फर्जी चेकों के माध्यम से भुगतान करने का आरोप है। मंडलायुक्त की जांच में इस आरोप की पुष्टि हुई थी।
इस संबंध में सहायक लेखाकार के खिलाफ आजमगढ़ के सदर कोतवाली में प्राथमिकी भी दर्ज है. लेकिन जब तक उसके खिलाफ कार्रवाई होती तब तक उसका स्थानांतरण मऊ हो गया।
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उधर, मऊ में भी जब विभाग में प्राइमरी पाठशाला के शिक्षकों के एरियर एवं शादी- बीमारी अनुदान मद आदि योजनाओं में लाखों का घपला प्रकाश में आया तो तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार श्रीवास्तव क ी रिपोर्ट पर इसकी जांच के लिए समाज कल्याण निदेशालय ने कमेटी गठित कर दी।
आरोप है कि समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ की पांच सदस्यीय टीम जब यहां जांच करने आई तो सहायक लेखाकार ने टीम को संबधित अभिलेख दिखाने में हीलाहवाली की। यही नहीं, जांच टीम दुबारा आई तो भी उसे अपेक्षित सहयोग नहीं दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने उसका वेतन रोकने का आदेश जारी कर रखा था। इस बीच शुक्रवार की शाम संजय का निलंबन आदेश भी आ गया।
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उसे लखनऊ स्थित मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की जांच संयुक्त निदेशक (प्रशासक) गुना राम को सौंपी गई है।विभाग के सहायक लेखाकार संजय कुमार राय पूर्व में आजमगढ़ में तैनात थे। उनपर छात्रवृत्ति तथा अन्य मदाें के 45 लाख से अधिक रुपयों की हेराफेरी के साथ फर्जी चेकों के माध्यम से भुगतान करने का आरोप है। मंडलायुक्त की जांच में इस आरोप की पुष्टि हुई थी।
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इस संबंध में सहायक लेखाकार के खिलाफ आजमगढ़ के सदर कोतवाली में प्राथमिकी भी दर्ज है. लेकिन जब तक उसके खिलाफ कार्रवाई होती तब तक उसका स्थानांतरण मऊ हो गया।
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उधर, मऊ में भी जब विभाग में प्राइमरी पाठशाला के शिक्षकों के एरियर एवं शादी- बीमारी अनुदान मद आदि योजनाओं में लाखों का घपला प्रकाश में आया तो तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार श्रीवास्तव क ी रिपोर्ट पर इसकी जांच के लिए समाज कल्याण निदेशालय ने कमेटी गठित कर दी।
आरोप है कि समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ की पांच सदस्यीय टीम जब यहां जांच करने आई तो सहायक लेखाकार ने टीम को संबधित अभिलेख दिखाने में हीलाहवाली की। यही नहीं, जांच टीम दुबारा आई तो भी उसे अपेक्षित सहयोग नहीं दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने उसका वेतन रोकने का आदेश जारी कर रखा था। इस बीच शुक्रवार की शाम संजय का निलंबन आदेश भी आ गया।