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छह दपंती साथ रहने को राजी
mau
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:26 AM IST
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शहर स्थित महिला थाने में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में मामलों का निपटारा कराते सदस्य।
- फोटो : mau
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पुलिस लाइन स्थित महिला थाने में परिवार परामर्श केंद्र की हुई बैठक में छह दंपती सारे मतभेद भुला कर साथ रहने को राजी हुए। केंद्र में रविवार 38 में से 16 मामलों को निस्तारण किया गया। जबकि शेष मामलों में अगली बैठक एक जुलाई को निर्धारित करते हुए पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
महिला थाने में एसपी ललित कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कुल 38 पारिवारिक मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 16 मामले निपटे। जिसमें छह मामलों में पक्षकारों ने अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। इनमें शाइस्ता और मुहम्मद अरशद, सिन्धू और विजयनरायन, सीमा मौर्य और सुरेश मौर्य, पूनम और राजकपूर, पूजा और नरेंद्र तथा शाहिस्ता और शाह आलम दंपती शामिल रहे। वही जानकी और राजू, शाहजहां और मुहम्मद अरशद, छविनाथ और कुसुम, ऊषा और रामसरीख, जमीला और हदीश, उमेश वर्मा, चंदा और अफरोज, रानी और शिवकुमार, उमेश और मनीषा तथा मनीषा और विवेक के मामले में मामला कोर्ट में लंबित होने तथा पक्षकारो की लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
इस दौरान पांच मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए वही दस मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। तथा सात मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सदस्यों ने 15 मामलों में एक तथा 11 मामलों में आठ जुलाई की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इ्ब्राहिम सेवक , विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, अर्चना उपाध्याय, डा. एमए खान, विन्ध्यवासिनी पांडेय, चंदा सिंह, गीता देवी और प्रियंका सिंह का सहयोग रहा।
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महिला थाने में एसपी ललित कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कुल 38 पारिवारिक मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 16 मामले निपटे। जिसमें छह मामलों में पक्षकारों ने अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। इनमें शाइस्ता और मुहम्मद अरशद, सिन्धू और विजयनरायन, सीमा मौर्य और सुरेश मौर्य, पूनम और राजकपूर, पूजा और नरेंद्र तथा शाहिस्ता और शाह आलम दंपती शामिल रहे। वही जानकी और राजू, शाहजहां और मुहम्मद अरशद, छविनाथ और कुसुम, ऊषा और रामसरीख, जमीला और हदीश, उमेश वर्मा, चंदा और अफरोज, रानी और शिवकुमार, उमेश और मनीषा तथा मनीषा और विवेक के मामले में मामला कोर्ट में लंबित होने तथा पक्षकारो की लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
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इस दौरान पांच मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए वही दस मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। तथा सात मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। जिस पर सदस्यों ने 15 मामलों में एक तथा 11 मामलों में आठ जुलाई की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इ्ब्राहिम सेवक , विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, अर्चना उपाध्याय, डा. एमए खान, विन्ध्यवासिनी पांडेय, चंदा सिंह, गीता देवी और प्रियंका सिंह का सहयोग रहा।
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