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Mau News: एनजीटी की फटकार के छह साल बाद सरवा में एसटीपी के लिए जमीन चिह्नित

Tue, 20 Jan 2026 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:17 AM IST
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Six years after being reprimanded by the NGT, land has been identified for the STP in Sarwa.
नगर के औरंगाबाद के पास तमसा नदी में गिरता नाले का गंदा पानी।संवाद
तमसा को स्वच्छ बनाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सरवा में दो एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। 2019 में एनजीटी की टीम ने निरीक्षण के दौरान इसको लेकर नाराजगी जताई थी। अब नगर पालिका जमीन चिह्नित करने के बाद डीपीआर बना रही है।
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एसटीपी न बनने तक नगर पालिका द्वारा तमसा नदी को प्रदूषित होने बचाने के लिए बायो रेमिडेशन तकनीक का सहारा लेकर पानी फिल्टर होने के बाद ही नदी में गिराने का दावा किया जा रहा है।
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ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि तमसा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पांच किमी दूर सरवा में दो एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। डीपीआर बनाने की कवायद की जा रही है।
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वर्ष 2019 में एनजीटी की टीम ने तमसा नदी के साथ नगर पालिका क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान नदी के पानी का नमूना लेने के बाद जिला प्रशासन को गाइडलाइन जारी की थी। नगर क्षेत्र से निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए कहा था।
इसके लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कर पानी को साफ करने के बाद ही नदी में गिराने के लिए कहा गया था। एनजीटी के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने इस कार्य की जिम्मेदारी जल निगम के साथ नगर पालिका को सौंपी थी।
लाख प्रयास के बाद जमीन न मिलने पर 45 वार्डों से निकलने वाला गंदा पानी 14 बड़े नालों से बायो रेमिडेशन तकनीक से फिल्टर कर नही में गिराने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बीच एनजीटी की फटकार के 6 साल बाद जमीन चिह्नित होने के बाद अब तमसा नदी को स्वच्छ बनाए जाने का रास्ता साफ हो चुका है।
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2024 में भी चिह्नित हुई थी जमीन
तमसा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत बढुआ गोदाम में 2.098 हेक्टेयर जमीन को चिह्नित किया गया था। जमीन विवादित होने के बाद नगर पालिका दूसरी जगह जमीन चिह्नित करने के प्रयास में जुटी थी।

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नदी स्वच्छ होने के साथ किसानों को भी मिलेगा फायदा
मऊ। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने से नगर क्षेत्र के 45 वार्डों से निकलने वाली गंदगी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए शोधित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद निकलने वाला कचरा, खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। पानी को सिंचाई के कार्य में लाया जा सकेगा। परियोजना से तमसा नदी जहां स्वच्छ होगी, वहीं नगर पालिका क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने के साथ ही खाद भी उपलब्ध होगी। इससे नगर पालिका का राजस्व भी बढ़ेगा। संवाद
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