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Mau News: सावन के छह दिन बीते, अब तक हुई सिर्फ पांच मिमी बारिश
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नगर के गाजीपुर तिराहा पर बुधवार को निकली तेज धूप और आसमान में छाए काले बादल।संवाद
मऊ। सावन माह के छह दिन बीत जाने के बावजूद जिले में नाममात्र की बारिश होने से खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है। अगस्त माह में अब तक केवल पांच मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से धान की फसल मुरझाने लगी है और खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। बुधवार को दिनभर धूप-छांव का सिलसिला जारी रहा। उमस ने लोगों को बेहाल रखा, जबकि अधिकतम तापमान स्थिर और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
बुधवार सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर बाद तेज धूप निकलने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। नहरों और माइनरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे धान की रोपी गई फसल सूखने लगी है और खेतों में दरारें दिखाई देने लगी हैं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने निजी संसाधनों से महंगे खर्च पर धान की रोपाई कराई है, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण फसल पर संकट गहरा गया है। किसान जयराम सिंह, रविंद्र राय, बृजभूषण शरण सिंह और महेंद्र वर्मा ने बताया कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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उमस और बिजली कटौती ने किया परेशान
उमस और बार-बार हो रही बिजली की आवाजाही ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 84 प्रतिशत तथा हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियों पर किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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बुधवार सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। दोपहर बाद तेज धूप निकलने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। नहरों और माइनरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे धान की रोपी गई फसल सूखने लगी है और खेतों में दरारें दिखाई देने लगी हैं।
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किसानों का कहना है कि उन्होंने निजी संसाधनों से महंगे खर्च पर धान की रोपाई कराई है, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण फसल पर संकट गहरा गया है। किसान जयराम सिंह, रविंद्र राय, बृजभूषण शरण सिंह और महेंद्र वर्मा ने बताया कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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उमस और बिजली कटौती ने किया परेशान
उमस और बार-बार हो रही बिजली की आवाजाही ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 84 प्रतिशत तथा हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियों पर किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं।