{"_id":"68262d36ffdbfa69d4072dd2","slug":"sisters-palanquin-was-lifted-by-keeping-brothers-dead-body-outside-the-house-mau-news-c-295-1-mau1002-127966-2025-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: घर के बाहर भाई का शव रख उठी बहन की डोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: घर के बाहर भाई का शव रख उठी बहन की डोली
विज्ञापन
रतनपुरा। हलधरपुर थाना क्षेत्र के करऊत गांव में बृहस्पतिवार की रात घर के बाहर भाई का शव रखकर बहन की डोली उठाई गई। शादी से 12 घंटे पहले भाई की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। पंखा ठीक करते समय तार गिरने से युवक करंट की चपेट में आ गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। करऊत गांव निवासी शैलेंद्र राजभर की पुत्री रानी की बृहस्पतिवार को शादी थी। बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के कलना कझारी गांव से बारात आनी थी। परिजन और सभी रिश्तेदार बृहस्पतिवार की सुबह रस्म करने में व्यस्त थे।
रानी का चचेरा भाई सुमंत राजभर उर्फ शैलेंद्र (26) सुबह करीब 10 बजे बाहर बैठे मेहमानों के लिए पंखा चालू करने के लिए तार लगा रहा था। तभी अचानक तार उसके ऊपर गिरा और करंट लगने से छटपटाकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुरा में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने 30 मिनट तक उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बस्ती में मातम पसर गया।
परिजनों ने पहले तो शादी टालने की बात कही, लेकिन रिश्तेदारों के समझाने बुझाने पर केवल औपचारिकता पूरी करते हुए शादी करने पर सहमति बनी। घर के बाहर बर्फ की सिल्ली पर भाई का शव रखकर शादी हुई और रात में ही विदाई हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
रानी का चचेरा भाई सुमंत राजभर उर्फ शैलेंद्र (26) सुबह करीब 10 बजे बाहर बैठे मेहमानों के लिए पंखा चालू करने के लिए तार लगा रहा था। तभी अचानक तार उसके ऊपर गिरा और करंट लगने से छटपटाकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन आनन फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुरा में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने 30 मिनट तक उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बस्ती में मातम पसर गया।
विज्ञापन
परिजनों ने पहले तो शादी टालने की बात कही, लेकिन रिश्तेदारों के समझाने बुझाने पर केवल औपचारिकता पूरी करते हुए शादी करने पर सहमति बनी। घर के बाहर बर्फ की सिल्ली पर भाई का शव रखकर शादी हुई और रात में ही विदाई हो गई।
विज्ञापन