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Mau Crime: 20 पुलिस कर्मियों पर मुकदमा न दर्ज करने पर एसएचओ कोर्ट में तलब, 27 जुलाई को जारी हुआ था आदेश

Sat, 02 Aug 2025 09:57 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 02 Aug 2025 09:57 AM IST
सार

Varanasi News: 27 जुलाई को तत्कालीन एसएचओ समेत 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर का कोर्ट ने आदेश जारी किया था। ऐसे में अब तक एफआईआर दर्ज न करने पर कोर्ट ने वर्तमान एसएचओ को कोर्ट में तलब किया है। 

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SHO summoned to court for not registering case against 20 police personnel in Mau
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजपुर उस्मानपुर गांव में रीता देवी (40) और उनके परिजनों से घर में घुसकर मारपीट के मामले में तत्कालीन एसएचओ शैलेश सिंह समेत 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने वर्तमान एसएचओ पंकज पांडेय को शनिवार को कोर्ट में तलब किया है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र के अनुसार रीता देवी का उनके पड़ोसी रामभवन यादव व अन्य से नाली और खड़ंजे को लेकर विवाद था। शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि 23 मार्च 2025 को तत्कालीन एसएचओ समेत 20 पुलिसकर्मी जबरदस्ती पड़ोसी के छत के सहारे घर में घुस गए। पुलिस कर्मियों ने घर में तोड़फोड़ की। गालियां देते हुए बेटी से अभद्रता की। 
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आरोप लगाया कि पीड़िता को पूरे गांव में घसीटते हुए पुलिसकर्मी थाने ले गए। पीड़िता और उसके परिजनों से जबरन खाली स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का भी प्रयास किया। विरोध पर पिटाई की गई। आरोप है कि मारपीट में गंभीर चोट आने के कारण गर्भपात हो गया था। पिटाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। बाद में जेल प्रशासन ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद बीएचयू और इसके बाद पीजीआई में उपचार किया गया।
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सरायलखंसी थाने के एसएचओ पंकज पांडेय ने बताया कि कोर्ट का आदेश संज्ञान में है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले एसपी इलामारन जी ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा।

इनके खिलाफ दर्ज किया जाना था मुकदमा
कोर्ट ने 27 जुलाई को तत्कालीन एसएचओ शैलेश सिंह, पुलिसकर्मी काशी चंदेल, एसआई केसर यादव, एसआई विक्की कुमार, एसआई कोमल कसोधन, हेड कांस्टेबल प्रभाकर सिंह, जयप्रकाश गोंड, अनुराग पाल, उत्तम मिश्रा, मनीष यादव, दुर्ग विजय यादव समेत 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके विवेचना का आदेश जारी किया था।

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