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गजब हाल है: 36 साल बाद भी बिजली निगम के मीटर से क्रांतिकारी सरजू पांडेय का नहीं हटा नाम, जानें- क्या है मामला
Sat, 02 Aug 2025 09:35 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 09:35 AM IST
सार
क्रांतिकारी पूर्व सांसद सरजू पांडेय के परिजनों ने मीटर के कनेक्शन में तब्दीली कराने की कोशिश भी की लेकिन उसी मीटर को जारी रहने दिया गया। अब विभाग के अधिकारी मृत्यु प्रमाण पत्र मांग रहे हैं।
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सरजू पांडेय पार्क स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व सांसद सरजू पांडेय।
- फोटो : संवाद
विस्तार
अपने देहावसान के 36 साल बाद भी बिजली निगम के दस्तावेजों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, गाजीपुर से दो बार के सांसद और पूर्व एमएलसी और क्रांतिकारी सरजू पांडेय जिंदा हैं। उनके घर का बिजली बिल आज भी उनके नाम से ही जारी होता है। इतना ही नहीं 2019 में और 2024 में भी मीटर के सत्यापन में उन्हें जीवित दिखाया गया है।
पूर्व सांसद के परिजनों ने मीटर के कनेक्शन में तब्दीली कराने की कोशिश भी की लेकिन उसी मीटर को जारी रहने दिया गया। डिजिटल के दौर में आज सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है इसके बाद भी बिजली निगम के सुस्त अफसर और कर्मचारी रिकॉर्ड अपडेट करने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। परिवार के लोगों का आरोप है कि जब नाम बदलवाने के लिए अधिकारी के दफ्तर गए तो उनसे नियमों का हवाला देकर मृत्यु प्रमाण पत्र मांग रहे हैं।
जब परिजनों ने बताया कि उनकी मौत 1989 में रूस की राजधानी मॉस्को में हुई, प्रमाणपत्र लाना संभव नहीं। इसके बदले में वह कचहरी में सरजू पाण्डेय पार्क में लगी शिलापट्ट के तस्वीर की फोटो कॉपी जमा करने, उस समय के मीडिया कवरेज और अखबारों की क्लिपिंग भी साझा करने को तैयार हैं। जबकि पूर्व सांसद सरजू पांडेय की मृत्यु एक ऐतिहासिक घटना थी।
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वर्ष 1989 में जब उनकी मॉस्को से शव यात्रा आई तो गाजीपुर में सबसे अधिक भीड़ उमड़ृी थी। उस समय की तस्वीरें इसकी गवाह हैं और सदर तहसील के सामने ही उनके नाम न सिर्फ पार्क बना है, बल्कि आदमकद प्रतिमा का तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा ने अनावरण किया था। एक्सईएन गोपाल सिंह ने कहा कि परिवार के लोग कुटुंब रजिस्टर की नकल और शपथ पत्र दे दो तत्काल कनेक्शन धारक का नाम बदल दिया जाएगा।
पूर्व सांसद के नाम बिजली कनेक्शन का विवरण
मीटर का कनेक्शन
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पूर्व सांसद के परिजनों ने मीटर के कनेक्शन में तब्दीली कराने की कोशिश भी की लेकिन उसी मीटर को जारी रहने दिया गया। डिजिटल के दौर में आज सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है इसके बाद भी बिजली निगम के सुस्त अफसर और कर्मचारी रिकॉर्ड अपडेट करने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। परिवार के लोगों का आरोप है कि जब नाम बदलवाने के लिए अधिकारी के दफ्तर गए तो उनसे नियमों का हवाला देकर मृत्यु प्रमाण पत्र मांग रहे हैं।
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जब परिजनों ने बताया कि उनकी मौत 1989 में रूस की राजधानी मॉस्को में हुई, प्रमाणपत्र लाना संभव नहीं। इसके बदले में वह कचहरी में सरजू पाण्डेय पार्क में लगी शिलापट्ट के तस्वीर की फोटो कॉपी जमा करने, उस समय के मीडिया कवरेज और अखबारों की क्लिपिंग भी साझा करने को तैयार हैं। जबकि पूर्व सांसद सरजू पांडेय की मृत्यु एक ऐतिहासिक घटना थी।
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वर्ष 1989 में जब उनकी मॉस्को से शव यात्रा आई तो गाजीपुर में सबसे अधिक भीड़ उमड़ृी थी। उस समय की तस्वीरें इसकी गवाह हैं और सदर तहसील के सामने ही उनके नाम न सिर्फ पार्क बना है, बल्कि आदमकद प्रतिमा का तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा ने अनावरण किया था। एक्सईएन गोपाल सिंह ने कहा कि परिवार के लोग कुटुंब रजिस्टर की नकल और शपथ पत्र दे दो तत्काल कनेक्शन धारक का नाम बदल दिया जाएगा।
पूर्व सांसद के नाम बिजली कनेक्शन का विवरण
मीटर का कनेक्शन
- खाता संख्या : 5005582000
- स्वीकृत भार: 2 किलो
- पुराना मीटर : 827844
- नया मीटर : एएलओ 541303