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Mau News: धर्मगुरु खामेनेई की हत्या पर शिया समुदाय में शोक, इस बार नहीं मनाएंगे ईद
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ईरान के प्रमुख शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। घोसी क्षेत्र के शिया समुदाय के लोगों ने बैठक कर वर्ष 2026 में ईद न मनाने का निर्णय लिया है।
समुदाय के लोगों ने कहा कि धर्मगुरु के सम्मान और शोक स्वरूप 40 दिनों तक मातम मनाया जाएगा और इसी कारण इस साल पारंपरिक रूप से ईद की खुशियां नहीं मनाई जाएंगी।
मौलाना अहमद अब्बास ने घटना को मानवता के लिए दुखद बताते हुए कहा कि किसी भी धर्मगुरु या निर्दोष व्यक्ति की हत्या की खबर पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का विषय है।
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आफताब अहमद ने कहा कि यह घटना मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है। ऐसे कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते।
वहीं मौलाना सैयद अली फकरी ने कहा कि दुनिया में शांति, न्याय और इंसाफ की स्थापना के लिए सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
लोगों ने दिवंगत धर्मगुरु की आत्मा की शांति के लिए दुआ भी की और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए समाज में सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर आफताब अहमद, मेहंदी हुसैनी, मौलाना मुजाहिर हुसैन, मौलाना अहमद अब्बास, मौलाना नसीमुल हसन, अली रजा, शब्बीर हसन, अलमदार हुसैन, काजिम मजहरी, जरगाम हैदर, कौशर अली, शम्सुल हसन, मौलाना सैय्यद अली फकरी सहित बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
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समुदाय के लोगों ने कहा कि धर्मगुरु के सम्मान और शोक स्वरूप 40 दिनों तक मातम मनाया जाएगा और इसी कारण इस साल पारंपरिक रूप से ईद की खुशियां नहीं मनाई जाएंगी।
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मौलाना अहमद अब्बास ने घटना को मानवता के लिए दुखद बताते हुए कहा कि किसी भी धर्मगुरु या निर्दोष व्यक्ति की हत्या की खबर पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का विषय है।
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आफताब अहमद ने कहा कि यह घटना मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है। ऐसे कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते।
वहीं मौलाना सैयद अली फकरी ने कहा कि दुनिया में शांति, न्याय और इंसाफ की स्थापना के लिए सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
लोगों ने दिवंगत धर्मगुरु की आत्मा की शांति के लिए दुआ भी की और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए समाज में सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर आफताब अहमद, मेहंदी हुसैनी, मौलाना मुजाहिर हुसैन, मौलाना अहमद अब्बास, मौलाना नसीमुल हसन, अली रजा, शब्बीर हसन, अलमदार हुसैन, काजिम मजहरी, जरगाम हैदर, कौशर अली, शम्सुल हसन, मौलाना सैय्यद अली फकरी सहित बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग उपस्थित रहे।