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शासन के आदेश पर शारदा नारायण बना कोविड अस्पताल
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मऊ। जिले में बढ़ते मरीजों की संख्या के चलते एक बारगी स्थिति अनियंत्रित सी हो गई थी, इस बीच एल-2 में उपचार के दौरान मंगलवार को दो मरीजों की मौत होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। इसको देखते हुए आनन फानन में जिले में कोविड संक्रमितों को भर्ती कर उपचार करने के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई। इस दौरान कोपागंज स्थित बाबू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज को एल-1 के रूप में पुन: विकसित किया गया। इसके अलावा टड़ियाव स्थित नव निर्मित अस्पताल को भी एल-1 में तब्दिल करने की कवायद शुरु कर दी गई है। साथ ही साथ शासन के आदेश पर शारदा नारायण अस्पताल को प्राइवेट में प्रशासन ने कोविड उपचार के लिए अनुमति प्रदान की है।
बताते चले 25 मार्च से जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। लेकिन चार अप्रैल से कोरोना संक्रमित मरीजों की बाढ़ सी आ गई। देखते देखते मरीजों की संख्या इकाई दहाई नहीं बल्कि हजार की संख्या पहुंच गई। इस दौरान उपचार या फिर सुविधा के नाम पर परदहां सीएचसी स्थित महज पचास बेड का एल-2 अस्पताल रहा। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित होने वालों को दवा बताकर उन्हे होम आईसोलेशन में रहने की हिदायत देकर विदा करने लगा। लेकिन देखते ही देखते स्थिति भयावह हो गई।
इस दौरान मंगलवार को उपचार के दौरान एल-2 में दो मरीजों की मौत हो गई। बढ़ते मरीजों की संख्या को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से पुन: एल-1 अस्पताल शुरु करने की व्यवस्था किया। इस क्रम में कोपागंज स्थित बाबू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज को एल-1 के रुप में शुरु किया गया। इसके अलावा टड़ियाव में नवनिर्मित सौ बेड के अस्पताल को भी एल-1 के रुप में शुरु करने की कवायद शुरु की गई है। जो जल्द ही शुरु हो जाएगा। जबकि शासन से अनुमति मिलने पर शारदा नारायण अस्पताल को भी कोविड मरीजों के उपचार के लिए मान्य किया गया है।
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बताते चले बरवक्त जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 4676 है। इसमें सक्रिय संक्रमितों की संख्या 1241 है। इसमें से 1201 मरीजों का उपचार होम आईसोलेशन में चल रहा। जबकि 35 मरीज परदहां स्थित एल-2 में रखे गए है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को हुई दो मौत को जिले में मरने वालों की संख्या में शामिल किया। इस तरह से अबतक कोरोना संक्रमित होकर मरने वालों की संख्या 41 हो चुकी है। बात करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एससी सिंह ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एल-1 अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जा रहा।
बोले एल-1 में मरीजों के रखने से कांट्रेक्ट ट्रेसिंग का खतरा कम होगा, साथ ही एल-1 में अपरिहार्य परिस्थितियों से निपटने के लिए आक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की जा रही है। ताकि जरुरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल आक्सीजन की सुविधा मिल सकें। इसके अलावा टड़ियाव को भी एल-1 के रुप में विकसित किया जा रहा। इस तरह से जिले में 250 बेड की व्यवस्था हो जाएगी।
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बताते चले 25 मार्च से जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। लेकिन चार अप्रैल से कोरोना संक्रमित मरीजों की बाढ़ सी आ गई। देखते देखते मरीजों की संख्या इकाई दहाई नहीं बल्कि हजार की संख्या पहुंच गई। इस दौरान उपचार या फिर सुविधा के नाम पर परदहां सीएचसी स्थित महज पचास बेड का एल-2 अस्पताल रहा। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित होने वालों को दवा बताकर उन्हे होम आईसोलेशन में रहने की हिदायत देकर विदा करने लगा। लेकिन देखते ही देखते स्थिति भयावह हो गई।
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इस दौरान मंगलवार को उपचार के दौरान एल-2 में दो मरीजों की मौत हो गई। बढ़ते मरीजों की संख्या को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की मदद से पुन: एल-1 अस्पताल शुरु करने की व्यवस्था किया। इस क्रम में कोपागंज स्थित बाबू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज को एल-1 के रुप में शुरु किया गया। इसके अलावा टड़ियाव में नवनिर्मित सौ बेड के अस्पताल को भी एल-1 के रुप में शुरु करने की कवायद शुरु की गई है। जो जल्द ही शुरु हो जाएगा। जबकि शासन से अनुमति मिलने पर शारदा नारायण अस्पताल को भी कोविड मरीजों के उपचार के लिए मान्य किया गया है।
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बताते चले बरवक्त जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 4676 है। इसमें सक्रिय संक्रमितों की संख्या 1241 है। इसमें से 1201 मरीजों का उपचार होम आईसोलेशन में चल रहा। जबकि 35 मरीज परदहां स्थित एल-2 में रखे गए है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को हुई दो मौत को जिले में मरने वालों की संख्या में शामिल किया। इस तरह से अबतक कोरोना संक्रमित होकर मरने वालों की संख्या 41 हो चुकी है। बात करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एससी सिंह ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एल-1 अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जा रहा।
बोले एल-1 में मरीजों के रखने से कांट्रेक्ट ट्रेसिंग का खतरा कम होगा, साथ ही एल-1 में अपरिहार्य परिस्थितियों से निपटने के लिए आक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की जा रही है। ताकि जरुरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल आक्सीजन की सुविधा मिल सकें। इसके अलावा टड़ियाव को भी एल-1 के रुप में विकसित किया जा रहा। इस तरह से जिले में 250 बेड की व्यवस्था हो जाएगी।